जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) दिग्घी, हाजीपुर में शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
हाजीपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) दिग्घी, हाजीपुर में शिक्षकों का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार से शुरू हो गया। यह प्रशिक्षण 1 जून से 5 जून तक आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में प्रशिक्षण के उद्देश्य एवं इसकी उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन डायट की प्राचार्या डॉ. श्रुति, वरीय व्याख्याता डॉ. शशिकला निषाद एवं अन्य व्याख्याताओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. श्रुति ने कहा कि “एक्शन रिसर्च मॉडल” शिक्षकों को उनकी शिक्षण पद्धतियों की व्यवस्थित जांच एवं सुधार के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों को विद्यालयों में आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए प्रभावी रणनीति विकसित करने में सहायक होगा।
प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. शशिकला निषाद ने कहा कि इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को अपनी कक्षाओं में आने वाली चुनौतियों का समाधान करने तथा साक्ष्य आधारित रणनीतियों को अपनाने के लिए सक्षम बनाना है। प्रथम सत्र की शुरुआत चेतना सत्र से हुई। इसके बाद बैद्यनाथ यादव ने बताया कि एक्शन रिसर्च का उद्देश्य शिक्षकों को अपने शिक्षण विधियों, छात्रों की सहभागिता तथा सीखने के परिणामों पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित करना है।
व्याख्याता रेणु कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षकों को उनके शैक्षणिक संदर्भ में विशिष्ट समस्याओं की पहचान, विश्लेषण एवं समाधान करने के कौशल से लैस करना इस प्रशिक्षण का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने डाटा संग्रहण, विश्लेषण एवं व्याख्या से संबंधित अनुसंधान प्रक्रियाओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण में अनुसंधान की अवधारणा, क्रियात्मक अनुसंधान की आवश्यकता तथा उसके विभिन्न चरणों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सुबह के सत्र में आरपी मनीषा कुमारी द्वारा योगाभ्यास कराया गया, जिसमें अनुलोम-विलोम एवं प्राणायाम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षण के दौरान क्रियात्मक अनुसंधान, समस्या की पहचान, एक्शन रिसर्च शीर्षक निर्माण, प्रस्तुति निर्माण एवं साहित्य समीक्षा की बुनियादी समझ भी विकसित की गई।
प्रशिक्षण के कोऑर्डिनेटर डॉ. शैलजा गुप्ता एवं डॉ. संजय कुमार ने प्रशिक्षण की बारीकियों एवं विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों को अपने-अपने विद्यालयों में बच्चों की समस्याओं की पहचान कर उनका निदान करना होगा।
प्रशिक्षण देने वाले व्याख्याताओं में डॉ. जयश्री, डॉ. कंचन कुमार, डॉ. कुमारी अनुराधा, डॉ. अनिता कुमारी, डॉ. अहमर जावेद, रेणु कुमारी एवं बैद्यनाथ यादव प्रमुख हैं। वहीं आईसीटी लैब की जिम्मेदारी शिवम तथा प्रशिक्षण कक्ष की देखभाल दीपक कुमार द्वारा की जा रही है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु शिक्षकों ने भी अपने विचार साझा किए। प्रशिक्षु शिक्षक उमेश कुमार प्रसाद सिंह ने “त्रिभुज की समझ विकसित करना” एवं “वास्तविक संख्याओं की समझ विकसित करना” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके अलावा विकास सिंह, राजीव लोचन त्रिवेदी, राकेश कुमार, संजीव कुमार, कुमार कौशलेंद्र, रीचा, रंजीता कुमारी एवं सुमन कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।