चेतावनी :NIT-86 वाले हो जाएं सावधान: नेहरू कॉलोनी की तोड़फोड़ के बाद बढ़ सकता है आबादी का दबाव....
चेतावनी :NIT-86 वाले हो जाएं सावधान: नेहरू कॉलोनी की तोड़फोड़ के बाद बढ़ सकता है आबादी का दबाव
फरीदाबाद। बड़खल विधानसभा क्षेत्र की नेहरू कॉलोनी में पिछले लगभग एक सप्ताह से बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों तथा क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाओं के तहत की जा रही है। इसका सीधा असर आसपास के इलाकों, विशेषकर NIT-86 क्षेत्र पर पड़ता दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार कुछ दिन पूर्व देर रात नगर निगम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दो धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई भी की थी। इसके बाद से नेहरू कॉलोनी में लगातार अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है। प्रशासन का कहना है कि इस क्षेत्र से एलिवेटेड पुल, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और अन्य विकास कार्यों का निर्माण होना है, जिसके चलते रास्ते में आने वाले निर्माणों को हटाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक लगभग 50 फीट क्षेत्र में तोड़फोड़ की जा चुकी है, जबकि आगे भी बड़ी संख्या में निर्माण प्रभावित हो सकते हैं। इस कार्रवाई के बाद कई परिवार और किरायेदार नए ठिकानों की तलाश में हैं। माना जा रहा है कि इनमें से बड़ी संख्या NIT-86 और आसपास की कॉलोनियों की ओर रुख कर सकती है, जहां अपेक्षाकृत कम किराए पर कमरे और मकान उपलब्ध हैं।
मकान मालिकों के लिए जरूरी सलाह
क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि मकान मालिकों को किरायेदार रखते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को मकान या कमरा किराए पर देने से पहले उसका आधार कार्ड, पहचान पत्र और पुलिस सत्यापन अवश्य कराना चाहिए।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व और अवैध गतिविधियों से जुड़े लोग भी क्षेत्र बदल सकते हैं। ऐसे में केवल किराए के लालच में बिना जांच-पड़ताल के मकान देना भविष्य में परेशानी का कारण बन सकता है।
छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी समस्या
NIT-86 क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग छोटे-छोटे कमरे और मकान किराए पर देकर अपनी जीविका चलाते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि मकान मालिक किरायेदारों का पूरा सत्यापन करें और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करें। इससे न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
किसी भी नए किरायेदार को मकान या कमरा देने से पहले उसकी पहचान, पते और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जांच करें। थोड़े से किराए के लालच में की गई लापरवाही भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।