भरोग बनेड़ी पंचायत चुनाव में अनोखा संयोग बना चर्चा का विषय, प्रधान से लेकर बीडीसी तक दिखा र और 194 का खास कनेक्शन
सिरमौर (रमौल)। ग्राम पंचायत भरोग बनेड़ी के पंचायत चुनाव परिणाम इस बार केवल जीत-हार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि कई रोचक संयोगों के कारण क्षेत्रभर में चर्चा का विषय बन गए हैं। प्रधान, उप प्रधान और बीडीसी चुनाव परिणामों में कुछ ऐसे आंकड़े और नाम सामने आए हैं, जिन्हें लोग पंचायत चुनाव का अनोखा मेल बता रहे हैं।
प्रधान पद पर रामगोपाल शर्मा ने 541 वोट प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 194 वोटों के अंतर से पराजित किया। वहीं पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) पद पर रीता रमौल ने भी 194 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। दोनों महत्वपूर्ण चुनावों में एक समान जीत का अंतर सामने आने से लोगों के बीच यह संयोग चर्चा का विषय बन गया है।
इसके साथ ही पंचायत में विजयी हुए प्रमुख उम्मीदवारों के नाम भी एक विशेष समानता लिए हुए हैं। प्रधान पद पर रामगोपाल शर्मा, उप प्रधान पद पर रघुवीर सिंह नेगी और बीडीसी पद पर रीता रमौल विजयी रहे। तीनों नामों की शुरुआत “र” अक्षर से होने के कारण ग्रामीण इसे एक दिलचस्प चुनावी संयोग मान रहे हैं।
उप प्रधान पद पर रघुवीर सिंह नेगी ने 451 वोट प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंद्वी को 94 वोटों के अंतर से हराया। प्रधान और उप प्रधान चुनाव में “94” तथा “194” जैसे आंकड़ों की पुनरावृत्ति ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
वहीं जिला परिषद (डीडीसी) वार्ड नंबर 10 धौलाकुआं से भगवान दास ने 1454 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। ग्रामीणों का कहना है कि इस जीत के अंतर में भी “4” अंक प्रमुख रूप से मौजूद है, जो पंचायत चुनावों में सामने आए अन्य आंकड़ों से जुड़ता हुआ दिखाई देता है।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर लोग इन संयोगों को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। कोई इसे मात्र संयोग बता रहा है तो कोई इसे क्षेत्र की नई राजनीतिक पहचान के रूप में देख रहा है।
विजयी उम्मीदवारों ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के विकास, पारदर्शिता, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, शिक्षा और युवाओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए कार्य करेंगे।
स्थानीय लोगों का मानना है कि भरोग बनेड़ी पंचायत के इस चुनाव में “र” अक्षर, 194 वोटों का अंतर और 4 अंक की पुनरावृत्ति ने परिणामों को और भी रोचक बना दिया है। यही कारण है कि चुनाव समाप्त होने के बाद भी यह अनोखा संयोग लोगों की चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।