आकोली में बनी संत तुकाराम की रथनुमा अद्भुत पालकी, देश-विदेश में प्रसिद्ध है लकड़ी कला
जालौर/आकोली(दलपतसिंह भायल)गांव आकोली में लकड़ी से निर्मित संत तुकाराम महाराज की रथनुमा अद्भुत पालकी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस अनोखी कारीगरी को स्थानीय कारीगरों ने महीनों की मेहनत से तैयार किया है, जिसकी बनावट और शिल्पकला की चर्चा दूर-दूर तक हो रही है।
जानकारी देते हुए गांव के पूरणसिंह काबावत ने बताया कि आकोली गांव में हैंडीक्राफ्ट के कई कारखाने संचालित हैं, जहां लकड़ी से विभिन्न प्रकार के खिलौने, मूर्तियां, रथ, सिंहासन, पुराने गाड़े, ठेले तथा सजावटी वस्तुएं तैयार की जाती हैं। यहां निर्मित उत्पादों की मांग केवल देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी अधिक है, जिससे कारीगरों को अच्छा मूल्य प्राप्त होता है।
रथ के निर्माता हरी आर्ट आकोली के पारस सुथार ने बताया कि उनके कारखाने में ऑर्डर के अनुसार विभिन्न प्रकार के खिलौने और मूर्तियां बनाई जाती हैं, जिनकी कारीगरी देश-विदेश में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि पुणे के एक व्यापारी के विशेष ऑर्डर पर संत तुकाराम महाराज की रथनुमा पालकी तैयार की गई है।
इस अद्भुत रथनुमा पालकी पर संत तुकाराम महाराज की प्रतिमा विराजमान की जाएगी। करीब आठ कारीगरों ने मिलकर दो माह की अथक मेहनत से इस पालकी का निर्माण किया है। इसकी बारीक नक्काशी और आकर्षक डिजाइन लोगों को खासा प्रभावित कर रही