श्री प्रमोद तिवारी, सांसद, ने कहाबिजली उपभोक्ताओं से 10ः फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार शुल्क) वसूलने के आदेष को नियामकीय प्राविधानों के विपरीत बताते
श्री प्रमोद तिवारी, सांसद, उप नेता, विरोधी दल राज्य सभा ने कहा है कि विद्युत नियामक आयोग ने माह जून, 2026 में प्रदेष के 3.73 करोड़ सभी श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं से 10ः फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार शुल्क) वसूलने के दिनांक- 29 मई के पावर कार्पोरष्ेान द्वारा जारी आदेष को नियामकीय प्राविधानों के विपरीत बताते हुये गम्भीर सवाल उठाये हैं, और विद्युत कार्पोरेषन प्रबन्धन से एक सप्ताह में विस्तृृत रूप से जवाब मांगा है । यही नहीं इस तरह से पाॅवर कार्पोरेषन ने फ्यूल सरचार्ज (ईधन अधिभार शुक्ल) के एवज में बिजली उपभोक्ताओं से 1610 करोड़ रुपये वसूलने का जो प्रयास किया है उस पर गम्भीर चिन्ता भी जताई है ।
श्री तिवारी ने कहा है कि फ्यूल सरचार्ज के नाम पर 10ः विद्युत उपभोक्ताओं से अतिरिक्त बिजली का बिल वसूलने का जहांॅ विपक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया था, वहीं विद्युत नियामक आयोग ने भी इसे नियमों के और गाईड लाइन के विपरीत बताते हुये कहा है कि 10ः फ्यूल सरचार्ज वसूलने का आदेष नियामकीय प्राविधानों के पूरी तरह विपरीत है ।
श्री तिवारी ने कहा है कि बिजली खरीद लागत के साथ -साथ 1400 करोड़ रुपये पुराने बकाया दावों व पूर्व अवधि की देनदारियों को भी जोड़ दिया गया जो कानून और नियामकीय व्यवस्था के विपरीत है । इससे यह सािबत हो गया है कि जो आरोप विपक्ष लगा रहा है उसे विद्युत नियामक आयोग ने भी सही माना है ।
श्री तिवारी ने कहा है कि सरकार हठधर्मिता छोंड़े और विद्युत नियामक आयोग ने जिस अवैध वसूली को नियमों के विपरीत माना है उसे तत्काल रोके, और सरकार स्थगित न करे बल्कि तत्काल इसे वापस ले। विद्युत नियामक आयोग ने मान्य खरीद लागत 4.94 रुपये प्रति यूनिट अनुमोदित की है जबकि कार्पोरेषन प्रबन्धन 5.86 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद दिखाते हुये उपभोक्ताओं पर 92 पैसे (लगभग एक रुपये) प्रति यूनिट अतिरिक्त भार डाल रहा है । इससे एक बात साफ हो गयी है कि बिजली खरीदने के नाम पर उपभोक्ताआंें से 92 पैसे प्रति यूनिट की अधिक वसूली की जा रही है जो नियमों के विपरीत है, विद्युत नियामक आयोग और जनभावना के विपरीत है, इसे तत्काल रोका जाना चाहिए ।
श्री तिवारी ने कहा है कि पूर्वोत्तर राज्यों में बरसात होने के कारण वहांॅ पर बिजली की मांग कम हो गयी है अतः नार्दन ग्रिड में, या देष में जहांॅ भी बिजली सरप्लस हो वहांॅ से उत्तर प्रदेष सरकार बिजली खरीदे और केन्द्र सरकार इसके लिये उत्तर प्रदेष सरकार की वित्तीय मदद करे, जिससे बिजली खरीद कर प्रदेष वासियों को पर्याप्त मात्रा में बिजली की आपूर्ति सुनिष्चित की जाय।