अधिकारियों को DM की दो टूक: ब्लूबेरी और ट्राउट मछली से बदलेगी गांवों की किस्मत, हर विभाग को देनी होगी
उत्तराखंड देहरादून
🔥 अधिकारियों को DM की दो टूक: ब्लूबेरी और ट्राउट मछली से बदलेगी गांवों की किस्मत, हर विभाग को देनी होगी एक 'इनोवेटिव योजना', लेटलतीफी की तो खैर नहीं! 👉देहरादून (02 जून, 2026): राजधानी देहरादून के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रॉकेट की रफ्तार देने के लिए धामी सरकार और जिला प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूरा मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल समीक्षा बैठक में देहरादून के लिए ₹99.39 करोड़ (लगभग 100 करोड़ रुपये) के बजट को मंजूरी देते हुए सभी विभागों को कड़े और ऐतिहासिक निर्देश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि अब सरकारी बजट फाइलों में बंद नहीं रहेगा, बल्कि धरातल पर उसका असर दिखना चाहिए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सीधे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
📊 ₹100 करोड़ के बजट का पूरा गणित (कहाँ, कितना होगा खर्च):
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ने बजट का पूरा ब्यौरा पेश किया, जो इस प्रकार है:
💰 ₹36.25 करोड़: नए विकास कार्यों और इनोवेटिव (अभिनव) प्रोजेक्ट्स के लिए।
💼 ₹15.93 करोड़: युवाओं और महिलाओं के स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं के लिए।
🏗️ ₹10.39 करोड़: चालू और अधूरे पड़े सरकारी कामों को फटाफट पूरा करने के लिए।
🧑पालक ₹37.19 करोड़: मानदेय और सरकार की वचनबद्ध (कमिटेड) योजनाओं के लिए।
🌾 ब्लूबेरी से लेकर ट्राउट मछली तक... ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर रहेगा फोकस!
देहरादून के गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और पलायन रोकने के लिए जिला प्लान में इन सेक्टर्स को प्राथमिकता दी गई है:
नवाचार (Innovation): प्रत्येक सरकारी विभाग को अपने क्षेत्र में कम से कम एक इनोवेटिव और सस्टेनेबल योजना अनिवार्य रूप से शामिल करनी होगी✍️