logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

बच्चों की लड़ाई का भ्रामक वीडियो साझा करने वाले फेसबुक पेज पर होगी कानूनी कार्रवाई :-

डिब्रूगढ़ पुलिस ने एक फेसबुक पेज/अकाउंट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है, जिस पर बच्चों की लड़ाई का एक भ्रामक वीडियो साझा करने का आरोप है। पोस्ट में दावा किया गया था कि यह घटना डिब्रूगढ़ जिले की है, जबकि जांच में यह दावा पूरी तरह गलत पाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद इसकी जांच की गई।

सत्यापन में पता चला कि वीडियो न तो हाल का था और न ही इसका डिब्रूगढ़ से कोई संबंध था। जांच में यह वीडियो महाराष्ट्र का एक पुराना क्लिप निकला। पुलिस का कहना है कि इस तरह के भ्रामक पोस्ट से लोगों के बीच अनावश्यक भ्रम और भय का माहौल पैदा हुआ। पुलिस ने बताया कि बच्चों से संबंधित ऐसे वीडियो या सामग्री का प्रकाशन और प्रसार जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) अधिनियम, 𝟐𝟎𝟏𝟓 की धारा 𝟕𝟒 का उल्लंघन हो सकता है।

यह धारा कानून के साथ संघर्ष कर रहे बच्चों अथवा देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान उजागर करने पर रोक लगाती है। डिब्रूगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुरव अभिजीत दिलीप ने डिब्रूगढ़ थाना प्रभारी को मामले में उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है। प्रस्तावित कार्रवाई के तहत संबंधित फेसबुक पेज/अकाउंट को स्थायी रूप से निलंबित कराने के प्रयास भी किए जाएंगे। पुलिस ने आम नागरिकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है।

लोगों से कहा गया है कि किसी भी जानकारी या वीडियो को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें, विशेषकर ऐसी सामग्री जो समाज में भय, भ्रम या गलत सूचना फैलाने की आशंका रखती हो अथवा बच्चों की सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करती हो। डिब्रूगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फर्जी और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी तथा नाबालिगों के अधिकारों और उनकी निजता की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

0
57 views

Comment