डिब्रूगढ़ ने रचा इतिहास: शहर के छात्रों ने बनाई आईआईटी में जगह :-
शिक्षा के क्षेत्र में डिब्रूगढ़ शहर ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। असम यूथ कमीशन (एएसवाईसी) की विशेष शैक्षणिक सहायता योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित डिब्रूगढ़ के सात विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में प्रवेश के लिए पात्रता हासिल कर पूरे शहर का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के मार्गदर्शन तथा असम यूथ कमीशन के अध्यक्ष तरंगा गोगोई के नेतृत्व में संचालित इस योजना को डिब्रूगढ़ स्थित एलन करियर इंस्टीट्यूट के सहयोग से सफलतापूर्वक लागू किया गया। योजना के अंतर्गत जेईई एडवांस्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को विशेष शैक्षणिक सहायता, मार्गदर्शन और कोचिंग उपलब्ध कराई गई।
इस वर्ष योजना से जुड़े कुल 𝟏𝟔 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा उत्तीर्ण की, जिनमें से सात विद्यार्थियों ने आईआईटी में प्रवेश के लिए पात्रता प्राप्त कर डिब्रूगढ़ को राज्य के शैक्षणिक मानचित्र पर एक बार फिर प्रमुख स्थान दिलाया है। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि डिब्रूगढ़ की शैक्षणिक क्षमता, प्रतिभा और प्रतिस्पर्धी माहौल का भी परिचायक है। आईआईटी में प्रवेश के लिए पात्रता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में कौशिक नाथ, रयान गोगोई, सुप्रतीम देव, ईशान बोरा, निपुंजय सोनोवाल, स्कॉलर बिकाश दास तथा आर्यन यादव शामिल हैं।
इन छात्रों की सफलता पर पूरे डिब्रूगढ़ में खुशी का माहौल है और विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। शिक्षाविदों का कहना है कि डिब्रूगढ़ लंबे समय से उच्च शिक्षा और शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमुख केंद्र रहा है। हाल के वर्षों में शहर के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। आईआईटी में सात छात्रों का चयन इसी परंपरा को और मजबूत करता है। असम यूथ कमीशन तथा एलन करियर इंस्टीट्यूट ने सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि डिब्रूगढ़ और असम के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। साथ ही उम्मीद जताई गई कि आने वाले वर्षों में और अधिक छात्र इस योजना का लाभ उठाकर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश प्राप्त करेंगे।
डिब्रूगढ़ के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय है, जो यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और अवसर मिलने पर इस शहर के युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में पूरी तरह सक्षम हैं।