1993 के अपराध में 84 वर्ष की उम्र में सजा का फैसला
उत्तर प्रदेश : 1993 में हुए एक अपराध के आरोपी को 33 साल बाद सजा सुनाई गई है। अब 84 वर्ष की उम्र में वह जेल पहुंचे हैं। इस मामले ने न्याय प्रक्रिया की धीमी रफ्तार पर फिर से सवाल उठाए हैं।
इस घटना ने कानूनी प्रणाली की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर बहस को बढ़ावा दिया है। कई लोगों ने इसे अंधा और बहरा कानून बताया है, जिससे न्याय मिलने में अत्यधिक विलंब होता है।