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हरियाणा सरकार ने लाल डोरा और स्वामित्व योजना की शिकायतों के बदले नियम चंडीगढ़। हरियाणा के गांवों में लाल डोरा और स्वामित्व योजना की जमीन को लेकर चल र

हरियाणा सरकार ने लाल डोरा और स्वामित्व योजना की शिकायतों के बदले नियम

चंडीगढ़। हरियाणा के गांवों में लाल डोरा और स्वामित्व योजना की जमीन को लेकर चल रहे विवादों में उलझे लोगों के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब गांव के लोगों को अपनी जमीन से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए बीडीपीओ (BDPO) और डीडीपीओ (DDPO) दफ्तरों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।

सरकार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं कि लाल डोरा के अंदर आने वाली आबादी देह की जमीन से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई और निपटारा अब सीधे तहसीलदार और नायब तहसीलदार ही करेंगे। इस फैसले से फाइलों के दफ्तरों में अटकने का झंझट खत्म हो जाएगा और लोगों को अपनी पुश्तैनी जमीन का मालिकाना हक जल्दी मिल सकेगा।

विकास एवं पंचायत विभाग की तरफ से प्रदेश के सभी उपायुक्तों (DC) को इस संबंध में पक्के आदेश जारी कर दिए गए हैं। दरअसल, सरकार के संज्ञान में यह बात आई थी कि लाल डोरा और स्वामित्व योजना से जुड़ी शिकायतें बेवजह ब्लॉक और जिला पंचायत विकास अधिकारियों (बीडीपीओ व डीडीपीओ) के पास भेजी जा रही थीं। इन अधिकारियों के पास इस तरह के विवाद सुलझाने की कोई कानूनी पावर (अधिकार) ही नहीं है, जिसके चलते शिकायतें महीनों तक फाइलों में धूल फांकती रहती थीं और लोगों को न्याय के लिए इंतजार करना पड़ता था।

इस पूरी परेशानी को खत्म करने के लिए सरकार ने 'हरियाणा आबादी देह (स्वामित्व अधिकारों का निहितकरण, अभिलेखीकरण एवं समाधान) अधिनियम-2025' के नियमों को सख्ती से लागू कर दिया है। यह कानून वैसे तो 19 जनवरी 2026 को अधिसूचित हुआ था, लेकिन इसे 26 नवंबर 2025 से ही लागू माना गया है।

नए निर्देशों में साफ कर दिया गया है कि लाल डोरा विवादों में अब केवल अधिकृत राजस्व अधिकारी (Revenue Officer) ही फैसला ले सकेंगे। इस अधिनियम की धारा 15 और 16 के तहत अब सिर्फ नायब तहसीलदार (एसी द्वितीय श्रेणी) और तहसीलदार (एसी प्रथम श्रेणी) को ही इन शिकायतों को सुनने और उनका पक्का समाधान करने का अधिकार दिया गया है।

जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल ने सरकार के इस कदम की जानकारी देते हुए बताया कि अब पंचायत विभाग के अधिकारियों के पास ऐसी कोई फाइल नहीं भेजी जाएगी। लोग सीधे अपने इलाके के राजस्व अधिकारियों के पास जा सकेंगे। सरकार के इस कदम से काम में पूरी पारदर्शिता आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन को लेकर होने वाले आपसी झगड़े जल्दी खत्म होंगे।

लाल डोरा जमीन विवाद की शिकायत अब कैसे करें (नया तरीका):

अपनी लाल डोरा जमीन या स्वामित्व योजना से जुड़ी शिकायत की एक फाइल तैयार करें, जिसमें जमीन के पुराने सबूत या कागजात लगा लें।

अब इस फाइल को लेकर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) या डीडीपीओ (DDPO) कार्यालय में बिल्कुल न जाएं।

अपनी शिकायत को सीधे अपने तहसील कार्यालय में जाकर संबंधित नायब तहसीलदार या तहसीलदार के पास जमा करवाएं।

राजस्व अधिकारी नए कानून की धारा 15 और 16 के तहत आपके मामले की सुनवाई करेंगे और कानूनी रूप से उसका पक्का निपटारा करेंगे।
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