सीबीएसई री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया 2 जून 2026 से शुरू, छात्रों को मिला अंकों की दोबारा जांच का अवसर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन एवं वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन छात्रों को अपने प्राप्त अंकों पर संदेह है या जिन्हें लगता है कि उनकी उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में कोई त्रुटि हुई है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। CBSE ने इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी, वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल प्रणाली लागू की है।
बोर्ड के अनुसार, छात्र पहले अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त कर सकते हैं और उसके बाद यदि किसी प्रश्न के मूल्यांकन में त्रुटि दिखाई देती है तो री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
हालांकि, री-इवैल्यूएशन पोर्टल के संचालन को लेकर कुछ तकनीकी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आई हैं। कई छात्रों ने पोर्टल के समय पर सक्रिय न होने की बात कही है, जिसके कारण उन्हें आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। CBSE ने कहा है कि पोर्टल को अधिक स्थिर और सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।
छात्र https://postresult.cbseit.in/pvr/ लिंक पर क्लिक करके प्रोसेस कर सकते हैं