NGO महासंघ और टीम मानवता की पहल रंग लाई, CMHO ने जारी किया आदेश
अब निजी अस्पताल किसी विशेष ब्लड बैंक से रक्त लाने के लिए नहीं कर सकेंगे मजबूर
जिले में मरीजों और उनके परिजनों को राहत देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल सफल होती दिखाई दे रही है।
NGO महासंघ एवं टीम मानवता द्वारा लगातार उठाई जा रही मांगों और जनहित के प्रयासों के परिणामस्वरूप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार अब कोई भी निजी अस्पताल मरीजों अथवा उनके परिजनों को किसी विशेष ब्लड बैंक से ही रक्त (ब्लड) लाने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।
मरीजों को अपनी आवश्यकता और सुविधा के अनुसार किसी भी मान्यता प्राप्त एवं लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंक से रक्त प्राप्त करने की स्वतंत्रता होगी।
इस निर्णय का उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को अनावश्यक आर्थिक बोझ एवं मानसिक परेशानी से बचाना है।
साथ ही रक्त की कालाबाजारी तथा अनावश्यक आर्थिक शोषण पर भी अंकुश लगाने में यह आदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
CMHO द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई निजी अस्पताल इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है तो संबंधित अस्पताल के विरुद्ध नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
NGO महासंघ और टीम मानवता ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे जनहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह आदेश स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने तथा मरीजों के अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी अस्पताल द्वारा उन्हें किसी विशेष ब्लड बैंक से रक्त लाने के लिए दबाव डाला जाता है तो वे इसकी शिकायत CMHO कार्यालय अथवा संबंधित स्वास्थ्य विभाग में दर्ज कराएं।
यह निर्णय मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करेगा।