सहारा भुगतान को लेकर देशव्यापी आंदोलन की तैयारी, पीड़ितों से एकजुट होने की अपील
नई दिल्ली/धनबाद। 01 जून 2026:सहारा इंडिया में फंसी करोड़ों निवेशकों की जमा राशि की वापसी को लेकर संघर्षरत विश्व भारती जनसेवा संस्थान ने देशव्यापी जनआंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। संस्थान का कहना है कि न्यायालयों में कानूनी लड़ाई जारी रहने के बावजूद सहारा निवेशकों को अभी तक उनका पूर्ण भुगतान नहीं मिल पाया है, जिसके चलते अब जनजागरण और जनआंदोलन को भी तेज किया जाएगा।
संस्थान के अनुसार, सहारा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न न्यायालयों में मुकदमे लड़े जा रहे हैं, लेकिन भुगतान प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से निवेशकों में निराशा बढ़ रही है। इसी को देखते हुए संगठन ने झारखंड, बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों में राज्य एवं जिला स्तरीय समितियों के विस्तार का निर्णय लिया है।
संस्थान के महासचिव नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने देश के करोड़ों पीड़ित जमाकर्ताओं एवं लाखों एजेंटों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सभी प्रभावित परिवार एक मंच पर आकर अपनी आवाज को और अधिक मजबूती दें। उन्होंने कहा कि संगठित जनशक्ति ही इस संघर्ष को निर्णायक मोड़ तक पहुंचा सकती है।
वहीं संस्थान के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव नौशाद अली ने कहा कि सहारा प्रबंधन और सरकार के बीच लंबा समय व्यतीत हो रहा है, लेकिन जमाकर्ताओं को अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण लाखों परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
नौशाद अली ने कहा कि न्याय की लड़ाई केवल अदालतों तक सीमित नहीं रह सकती। कानूनी संघर्ष के साथ-साथ अब लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह आंदोलन का मार्ग भी अपनाना होगा, ताकि देश के करोड़ों जमाकर्ताओं की आवाज सरकार और संबंधित संस्थाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
संस्थान ने सभी सहारा पीड़ितों, एजेंटों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अपने-अपने राज्यों और जिलों में संगठन से जुड़कर आगामी आंदोलन को सफल बनाने में योगदान दें। संगठन ने संकेत दिया है कि सदस्यता अभियान और संगठन विस्तार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आंदोलन की तिथि की घोषणा की जाएगी।
विश्व भारती जनसेवा संस्थान का कहना है कि यह संघर्ष केवल जमा धनराशि की वापसी का नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के न्याय और अधिकारों की लड़ाई है, जिसे जनबल के माध्यम से मजबूती प्रदान की जाएगी।