डॉ. राजेश्वर सिंह की मेधावी सम्मान योजना बनी शिक्षा प्रोत्साहन का मॉडल, 4 वर्षों में 2 हजार से अधिक प्रतिभाएं सम्मानित
लखनऊ, 1 जून। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल पर संचालित मेधावी सम्मान योजना शिक्षा प्रोत्साहन का एक सफल मॉडल बनकर उभरी है। पिछले चार वर्षों में इस योजना के तहत 2,000 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जा चुका है। योजना का उद्देश्य केवल पुरस्कार वितरण नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को पहचान देना, उनका उत्साहवर्धन करना और अन्य विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।
रविवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और प्रधानाचार्यों को सम्मानित किए जाने के अवसर पर सरोजनीनगर विधायक Dr. Rajeshwar Singh ने कहा कि मेधावी विद्यार्थी ही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के भविष्य के निर्माता हैं।
उन्होंने बताया कि "आपका विधायक आपके द्वार" कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे "गाँव की शान, मेधावियों का सम्मान" अभियान के तहत पिछले 169 सप्ताह से लगातार विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा रहा है। प्रत्येक सप्ताह दो मेधावी बालक और दो मेधावी बालिकाओं सहित चार विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान की जाती है। इसके अलावा 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को साइकिल तथा 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटॉप और टैबलेट देकर सम्मानित किया जाता है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि अब तक 1,800 से अधिक विद्यार्थियों को साइकिल, लैपटॉप और टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान शिक्षा, परिश्रम और उत्कृष्टता के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने का एक सतत प्रयास है।
उन्होंने कहा कि "गाँव की शान" के रूप में सम्मानित होने वाले विद्यार्थी अपने परिवार, विद्यालय और समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। प्रतिभा का सम्मान और परिश्रम का प्रोत्साहन ही आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव है। साथ ही उन्होंने सभी सम्मानित छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और प्रधानाचार्यों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।