कोंडागांव: 43 लड़कियों को ब्लैकमेल करने वाले आरोपी की 10 महीने बाद भी नहीं आई मोबाइल रिपोर्ट, जांच पर उठे सवाल
कोंडागांव/रायपुर:
शादी और दोस्ती का झांसा देकर 43 लड़कियों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले आरोपी अमान वीरानी (25 वर्ष) के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जुलाई 2025 में हुई गिरफ्तारी के 10 महीने बीत जाने के बाद भी अब तक आरोपी के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है और न ही इस केस की साइबर क्राइम एंगल से ठीक से जांच की गई है।
मुख्य बिंदु:
43 लड़कियां हुईं शिकार: आरोपी ने एक केंद्रीय सरकारी अधिकारी महिला की शिकायत के बाद पर्दाफाश होने से पहले करीब 43 लड़कियों को अपने जाल में फंसाया था। इनमें 20 नाबालिग, 10 शादीशुदा और 8 ऐसी लड़कियां थीं जिनकी शादी होने वाली थी।
ब्लैकमेलिंग और उगाही: आरोपी लड़कियों के आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाकर उन्हें डराता था और मोटी रकम वसूलता था।
जमानत के बाद फिर धमकियां: अप्रैल 2026 में जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी मुख्य पीड़िता पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। पीड़िता ने अंदेशा जताया है कि हाल ही में हुए उसके एक एक्सीडेंट के पीछे भी आरोपी का हाथ हो सकता है।
जांच में देरी: पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर जांच के लिए नवा रायपुर स्थित साइबर लैब भेजा था, लेकिन 10 महीने बाद भी रिपोर्ट पेंडिंग है।