प्राकृतिक आपदा का कहर: आंधी-तूफान में 20 भेड़ों की मौत, पीड़ित परिवार ने लगाई मुआवजे की गुहार
जालौन। बीती रात आए तेज आंधी-तूफान, बारिश और बिजली गिरने से जनपद जालौन के ग्राम टिकटौली में एक पशुपालक परिवार को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। प्राकृतिक आपदा के चलते परिवार की 20 भेड़ों की दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम टिकटौली निवासी राम शेखर पाल शाम को खेतों से अपनी भेड़-बकरियों को चराकर घर लाए और उन्हें पशुओं के बाड़े में सुरक्षित बांध दिया। रात में अचानक तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने से क्षेत्र में भारी तबाही मची। आंधी के कारण बाड़े के आसपास के पेड़-पौधे गिर गए और पशुशाला पर रखी टिन की चादरें उड़कर गिर गईं। सुबह जब परिवार के लोग भेड़-बकरियों को बाहर निकालने पहुंचे तो देखा कि कई भेड़ें मलबे और टिन की चादरों के नीचे दबी हुई थीं। जांच करने पर 20 भेड़ों की मौत होने की पुष्टि हुई। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलने पर लेखपाल मौके पर पहुंचे और नुकसान का निरीक्षण किया। पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया गया कि शासन स्तर पर रिपोर्ट भेजकर उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। पीड़ित परिवार ने उत्तर प्रदेश सरकार, जिलाधिकारी (डीएम) जालौन, पुलिस अधीक्षक (एसपी), क्षेत्रीय विधायक, न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत एवं जनप्रतिनिधियों से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। परिवार ने बताया कि उन्होंने जिले के कई समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों को भी घटना की जानकारी दी है, जिन्होंने हरसंभव मदद और मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया है। प्राकृतिक आपदा से हुए इस नुकसान के बाद गांव में शोक का माहौल है और पीड़ित परिवार शासन-प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है।