सरकार के आदेश के बाद भी मजदूरों का हो रहा शोषण
सरकार के आदेश के बाद भी मजदूरों का हो रहा शोषण
वाराणसी ।। रेलवे ठेका मजदूर यूनियन के मजदूर 15 से 20 वर्षों से विभिन्न रेलवे स्टेशन और रेलवे लाइन पर काम कर रहे हैं। चाहे कितनी भी भीषण गर्मी हो या कड़ाके की सर्दी या बरसात का मौसम यह मजदूर नियमित रुप से बिना किसी रोक-टोक के ठेकेदारो और रेलवे अधिकारियों की देख रेख में कार्य कर रहे हैं। मजदूरों के नेता और यूनियन के महामंत्री श्री बाबू लाल राजभर जी ने बताते हुए कहा कि रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड ,श्रम मंत्रालय हर जगह हम लोग की फाइल पहुंच चुकी है लेकिन आज भी हमारे मजदूरों को न्याय नहीं मिल रहा है। आज भी मजदूरों को ₹500 रोज मिल रहा है जबकि सरकार द्वारा यह मानक 783 रुपया रोज है लेकिन मजदूरों को ₹500 से अधिक नहीं मिल रहा है। विकास कुमार वर्मा जी ने कहां की हम मजदुरी करके किसी भी तरह से अपना परिवार चलाते है । कोर्ट और सरकार के आदेश अनुसार 1 अप्रैल 2026 से जो मजदूरी हुई है वह मजदूरी अभी तक नहीं मिल रही हैं। केवल 500 रुपए रोज़ पर आज के समय में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही हैं। सरकार द्वारा जारी सारे आदेशों के कागज हमारे पास है लेकिन अभी तक हम लोगों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है । सरकार से हम विनम्र निवेदन करते हैं हम मजदूर को न्याय दिलाने की कृपा करें जो मजदूरी निर्धारित की गई है वह मजदूरों को देने की आदेश देने की कृपा करें ।मजदूरों को समान काम का समान वेतन रेलवे में ठेकेदारी प्रथा के अंतर्गत मजदूरों को अस्थाई से स्थाई करने का आदेश देने की कृपा करें । बैठक में मुख्य रूप से रेलवे ठेका मजदूर यूनियन के उत्तर प्रदेश और बिहार के शाखा अध्यक्ष संजय पांडे, विकास कुमार वर्मा, जयप्रकाश यादव, जगदीश गुप्ता, गौतम दास ,राम प्रीत राजभर, मनोज राम ,नंद जी ,राजू पासवान, लल्लन चौहान, संजू राम, शिवपूजन राम ,सर्वेश कुशवाहा, दिनेश इत्यादि बहुत से मजदूर उपस्थित थे बैठक का संचालन जय प्रकाश यादव जी ने किया ।