मयूरहंड में कुर्सी से चिपके कर्मचारी, विकास कार्यों पर लगा ग्रहण; अब जिला दिशा की बैठक पर टिकी जनता की निगाहें
मयूरहंड:- (चतरा): प्रखंड कार्यालय में तीन वर्षों से अधिक समय से जमे कर्मचारियों के स्थानांतरण का मुद्दा अब गरमाने लगा है। स्थिति यह है कि जनता अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है, लेकिन फाइलों की धूल नहीं झाड़ी जा रही।
आम जनता बेहाल, काम बेपटरी:
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक टिके रहने के कारण कर्मचारियों में तानाशाही और कार्य के प्रति लापरवाही बढ़ गई है। कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं और विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं, पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
दिशा की बैठक में उठेगा 🙏मुद्दा:🫵
सूत्रों के अनुसार, आगामी जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (DISHA) की बैठक में इस गंभीर विषय को प्रमुखता से उठाया जा सकता है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अब आर-पार के मूड में हैं और लंबे समय से जमे इन कर्मियों के तबादले की मांग जोर पकड़ रही है ताकि प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और गति लाई जा सके।
🎤बड़ी खबर: मयूरहंड प्रखंड में स्थानांतरण की मांग तेज, क्या जिला प्रशासन लेगा संज्ञान?
मुख्य समस्या: 3 साल से ज्यादा समय से जमे कर्मचारी नहीं छोड़ रहे मोह।
😭जनता का दर्द: काम अधूरा, फाइलें पेंडिंग और आम नागरिक परेशान।
🙏मांग: नए रक्त और ऊर्जावान कर्मियों की तैनाती हो ताकि भ्रष्टाचार और सुस्ती पर लगाम लगे।
मयूरहंड की जनता अब सीधे जिला प्रशासन से सवाल पूछ रही है कि आखिर इन कर्मचारियों पर मेहरबानी क्यों? क्या 'दिशा' की बैठक में जनप्रतिनिधि आम जनता को इस प्रशासनिक डेडलॉक से मुक्ति दिला पाएंगे?