//जय मां दंतेश्वरी//
अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज 32 गढ़ महासभा, गढ़ - छिंदगढ़ में भव्य परिचय महा सम्मेलन संपन्न
*सुकमा (बस्तर), 31 मई 2026।*
अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज 32 गढ़ महासभा, गढ़ छिंदगढ़ द्वारा आयोजित परिचय महा सम्मेलन का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ समाज की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न गढ़ों से आए पदाधिकारियों, वरिष्ठजनों, युवा साथियों एवं महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष *श्री मंतुराम पवार* उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में 32 गढ़ महासभा के अध्यक्ष *श्री बिरेंद्र चनाप,* न्याय समिति अध्यक्ष *श्री अर्जुन सिंह नाग,* महासचिव *श्री अमरनाथ राना* सहित केंद्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी मंचासीन रहे। कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों एवं विभिन्न गढ़ों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
अपने उद्बोधन में अतिथियों ने समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता एवं युवा सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज की उन्नति का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा है। समाज के प्रत्येक परिवार को अपने बच्चों की शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना चाहिए। वक्ताओं ने युवाओं से समाजहित में आगे आने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
सम्मेलन के दौरान समाज की वर्तमान परिस्थितियों, चुनौतियों एवं भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न गढ़ों से आए प्रतिनिधियों ने समाज के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक समरसता तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा से संबंधित अपने विचार रखे। समाज के वरिष्ठजनों ने संगठन की मजबूती को समय की आवश्यकता बताते हुए सभी वर्गों को एक मंच पर आकर कार्य करने की बात कही।
इस अवसर पर शीर्ष गढ़ों के अध्यक्षों द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष *श्री मंतुराम पवार* एवं 32 गढ़ महासभा अध्यक्ष *श्री बिरेंद्र चनाप* को जाति प्रमाणपत्र संबंधी विषय पर ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में दक्षिण बस्तर क्षेत्र में हल्बा जनजाति से संबंधित जाति प्रमाणपत्रों एवं अभिलेखों के संबंध में जांच की मांग की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने इस विषय पर संबंधित दस्तावेजों एवं तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर उचित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
वक्ताओं ने कहा कि अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित किसी भी विषय में पारदर्शिता, संवैधानिक व्यवस्था एवं न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है। समाज के वास्तविक अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए सभी स्तरों पर जागरूकता एवं एकजुटता बनाए रखना जरूरी है।
परिचय महा सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों के बीच परिचय, संवाद, सामाजिक समन्वय एवं संगठनात्मक एकता को सुदृढ़ करना था। सम्मेलन के माध्यम से युवाओं, महिलाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों को एक साझा मंच उपलब्ध हुआ, जहां उन्होंने समाज के विकास एवं भविष्य की दिशा पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने सम्मेलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन समिति ने उपस्थित अतिथियों, पदाधिकारियों एवं समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए समाजहित में इसी प्रकार एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।
अंत में समाज की समृद्धि, एकता एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।
*✊ संदेश*
*"शिक्षित बनो, संगठित रहो, जागरूक बनो और समाज की एकता को मजबूत बनाओ। समाज की शक्ति ही समाज की पहचान है।"*
*"एकजुट समाज ही मजबूत समाज की पहचान है।"*