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पश्चिम सिंहभूम में आज से डिजिटल हड़ताल शुरू, पंचायत सचिवालयों का कामकाज प्रभावित

चाईबासा: झारखंड प्रदेश डिजिटल पंचायत सचिवालय प्रज्ञा केंद्र संचालक संघ के आह्वान पर पश्चिम सिंहभूम जिले सहित पूरे राज्य में आज सोमवार 01 जून 2026 से अनिश्चितकालीन डिजिटल हड़ताल शुरू हो गई है. हड़ताल के पहले ही संघ द्वारा जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को सूचना पत्र सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया था. हड़ताल शुरू होने के साथ ही पंचायत सचिवालयों में संचालित कई डिजिटल सेवाओं के प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है.

संघ के अनुसार राज्यभर के पंचायत सचिवालयों में वर्ष 2008 से कार्यरत डिजिटल पंचायत प्रज्ञा केंद्र संचालक लंबे समय से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं. संचालकों का आरोप है कि आउटसोर्सिंग कंपनी एवं सीएससी प्रबंधन द्वारा लगातार मनमानी, आर्थिक शोषण और मानसिक प्रताड़ना की जा रही है, जबकि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. इसी के विरोध में संचालकों ने लोकतांत्रिक तरीके से डिजिटल हड़ताल का निर्णय लिया है.

संघ ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल के दौरान डिजिटल अटेंडेंस (Digital Attendance) का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा तथा सीएससी ई-गवर्नेंस इंडिया लिमिटेड द्वारा दिए जाने वाले अतिरिक्त कार्यों का भी विरोध किया जाएगा. वहीं विभिन्न जिलों में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और आंदोलन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.

प्रज्ञा केंद्र संचालकों की प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था में सुधार, सम्मानजनक मानदेय, पंचायत सचिवालयों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, हटाए गए संचालकों की पुनर्बहाली, कार्यों का स्पष्ट निर्धारण, इंटरनेट एवं उपकरण सुविधा उपलब्ध कराना तथा स्थायी नीति के तहत संचालकों के भविष्य को सुरक्षित करना शामिल है. संघ का कहना है कि वर्तमान में संचालकों को मिलने वाला मानदेय श्रम कानूनों के अनुरूप नहीं है और वर्षों से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है.

संघके जिला मीडिया प्रभारी श्री ज्योतिष महाली ने बताया कि पंचायत स्तर पर सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और डिजिटल सेवाओं के संचालन में प्रज्ञा केंद्र संचालकों की अहम भूमिका रही है. इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने से संचालकों में भारी नाराजगी है. श्री महाली ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

उन्होंने कहा कि पश्चिम सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रज्ञा केंद्र संचालकों ने भी हड़ताल को समर्थन देते हुए कहा कि वे वर्षों से पंचायत स्तर पर सरकारी सेवाएं लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल रहा है. संचालकों ने सरकार से जल्द वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है.

हड़ताल के कारण जिले के पंचायत सचिवालयों में विभिन्न ऑनलाइन प्रमाणपत्र, आवेदन, डिजिटल सत्यापन तथा अन्य ई-गवर्नेंस सेवाओं पर असर पड़ सकता है. हालांकि उन्होंने ने कहा है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और सरकार यदि वार्ता के लिए आगे आती है तो समाधान का रास्ता निकाला जा सकता है.

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