8 सिख लाइट इन्फैंट्री (फतेहपुर) ने स्थापना दिवस की 60वीं वर्षगांठ मनाई
8 सिख लाइट इन्फैंट्री (फतेहपुर) ने स्थापना दिवस की 60वीं वर्षगांठ मनाई
भारतीय सेना की गौरवशाली 8 सिख लाइट इन्फैंट्री (फतेहपुर) बटालियन ने अपने स्थापना दिवस की 60वीं वर्षगांठ (डायमंड जुबली) हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई। बटालियन की स्थापना 1 जून 1966 को सागर (मध्य प्रदेश) में हुई थी। इसके प्रथम कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल लाभ सिंह गिल तथा सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) गुरबचन सिंह ने यूनिट की मजबूत नींव रखी। 1971 के भारत-पाक युद्ध में बटालियन ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए फतेहपुर पोस्ट पर विजय प्राप्त की। इस अभियान में बटालियन के तीन अधिकारी, एक जेसीओ और 42 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी बहादुरी और शौर्य के सम्मान में यूनिट को “फतेहपुर” बैटल ऑनर प्रदान किया गया, जिसके बाद यह बटालियन “फतेहपुर बटालियन” के नाम से प्रसिद्ध हुई। पिछले छह दशकों में बटालियन ने देश की विभिन्न सीमाओं और चुनौतीपूर्ण सैन्य अभियानों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान की हैं। युद्धक्षेत्र के साथ-साथ खेल जगत में भी यूनिट ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। बटालियन को अब तक महावीर चक्र, वीर चक्र, शौर्य चक्र, सेना मेडल सहित कुल 162 वीरता एवं विशिष्ट सेवा पदकों से सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हेमंत दत्ता (सेना मेडल) तथा सभी रैंकों ने स्थापना दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और यूनिट की निरंतर प्रगति, सफलता एवं चढ़दी कला के लिए अरदास की। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों और जवानों ने बटालियन की गौरवशाली यात्रा को याद करते हुए देश सेवा के प्रति अपने समर्पण को दोहराया।
सौजन्य: जगदीश सिंह चहल, व्यास पंजाब
न्यूज़: अरविंद प्रभाकर, दिल्ली