सुप्रीम कोर्ट ने कार्यरत शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य किया
🟥 AIMA MEDIA | शिक्षा विशेष रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य, 31 अगस्त 2028 तक अंतिम मौका
नई दिल्ली।
देशभर के लाखों शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि Teacher Eligibility Test (TET) पास करना सभी कार्यरत (In-Service) शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगा। अदालत ने 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज करते हुए अपने पूर्व निर्णय को बरकरार रखा है तथा अनुपालन की अंतिम समयसीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि “बच्चों के शैक्षिक भविष्य की कीमत पर शिक्षकों की सेवा जारी नहीं रखी जा सकती।” अदालत ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता, योग्यता और जवाबदेही सुनिश्चित करना संविधान और RTE Act की मूल भावना का हिस्सा है।
यह फैसला केवल नए शिक्षकों पर ही नहीं बल्कि उन शिक्षकों पर भी लागू होगा जो RTE Act 2009 लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे। जिन शिक्षकों की सेवा में अभी पाँच वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर TET उत्तीर्ण करना होगा।
हालांकि अदालत ने उन वरिष्ठ शिक्षकों को आंशिक राहत दी है जिनकी सेवानिवृत्ति में पाँच वर्ष से कम समय शेष है। ऐसे शिक्षकों को सेवा से हटाने की बाध्यता नहीं होगी, लेकिन पदोन्नति (Promotion) के लिए TET योग्यता आवश्यक मानी जाएगी।
📌 सुप्रीम कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें
TET अब सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य।
अंतिम समयसीमा: 31 अगस्त 2028
65 से अधिक समीक्षा याचिकाएँ खारिज।
RTE Act से पहले नियुक्त शिक्षकों पर भी नियम लागू।
TET पास न करने पर सेवा प्रभावित हो सकती है।
पदोन्नति के लिए TET आवश्यक।
राज्यों को नियमित रूप से TET परीक्षा आयोजित करने का निर्देश।
अदालत ने स्पष्ट किया कि आगे कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
📝 अब कौन-कौन सी TET परीक्षाएँ आने वाली हैं?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देशभर में TET परीक्षाओं का महत्व और बढ़ गया है। कई राज्यों ने परीक्षा कैलेंडर जारी करना शुरू कर दिया है।
प्रमुख आगामी TET परीक्षाएँ
परीक्षा संभावित/घोषित तिथि
CTET 2026 06 सितंबर 2026
HTET 2026 04–05 जुलाई 2026
UPTET 2026 02–04 जुलाई 2026
REET 2026 अधिसूचना प्रतीक्षित
Maha TET अधिसूचना प्रतीक्षित
PSTET अधिसूचना प्रतीक्षित
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में राज्यों को बड़ी संख्या में TET परीक्षाएँ आयोजित करनी पड़ सकती हैं क्योंकि लाखों कार्यरत शिक्षकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर योग्यता प्राप्त करनी होगी।
🎓 शिक्षा व्यवस्था पर क्या होगा असर?
इस फैसले से एक ओर शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता और मानकीकरण को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों के सामने प्रशिक्षित और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन सकती है। यदि बड़ी संख्या में शिक्षक TET उत्तीर्ण नहीं कर पाते हैं तो सरकारी विद्यालयों में शिक्षक कमी की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
फिर भी अदालत ने साफ किया है कि बच्चों के हित सर्वोपरि हैं और शिक्षा का स्तर किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए।
✍️ रिपोर्ट: सुजीत शुक्ला
News Editor | AIMA MEDIA
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(शिक्षा एवं न्यायिक मामलों पर आधारित विशेष समाचार रिपोर्ट)