OPS बहाली से इनकार के बीच नेताओं के वेतन में 120% बढ़ोतरी
देशभर में सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर बहस जारी है। सोशल मीडिया पर एक रिपोर्ट ने तूल पकड़ा है जिसमें बताया गया है कि कर्मचारियों के लिए OPS बहाल नहीं की जा रही है, जबकि विधायक और मंत्रियों के वेतन एवं भत्तों में लगभग 120 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी मिली है। इस खबर के बाद कर्मचारी संगठनों और आम जनता में नाराजगी देखने को मिली है।
सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकार कर्मचारियों की पेंशन को आर्थिक बोझ बताती है तो जनप्रतिनिधियों के वेतन और सुविधाओं में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कैसे संभव है। OPS समर्थक इसे सुरक्षा का अधिकार मानते हैं और सरकार से समान दृष्टिकोण अपनाने की मांग कर रहे हैं। वहीं समर्थक वेतन बढ़ोतरी को महंगाई और जिम्मेदारियों में वृद्धि से जोड़ कर देखते हैं। इस मामले ने OPS आंदोलन को नया जोर दिया है और पेंशन नीति पर नई बहस छेड़ दी है।