मऊ: जिला न्यायालय में विभिन्न मामलों की सुनवाई की व्यवस्था
मऊ: आम लोगों को अक्सर यह जानकारी नहीं होती कि उनका मामला किस न्यायालय में दायर किया जाए। जिला न्यायालय स्तर पर विभिन्न प्रकार के मुकदमों की सुनवाई के लिए अलग-अलग अदालतें निर्धारित हैं, जो अपने-अपने विषय से जुड़े मामलों का निस्तारण करती हैं। दीवानी न्यायालय में जमीन, मकान, संपत्ति, कब्जा, धन वसूली तथा निषेधाज्ञा से संबंधित मामलों की सुनवाई होती है। फौजदारी न्यायालय में चोरी, मारपीट, धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा और अन्य सामान्य आपराधिक मामलों की सुनवाई की जाती है।
गंभीर अपराध जैसे हत्या, बलात्कार, डकैती और अपहरण के मामलों की सुनवाई सेशन कोर्ट में होती है। पारिवारिक विवाद, तलाक, भरण-पोषण, बच्चों की कस्टडी और पति-पत्नी के विवाद परिवार न्यायालय में निपटाए जाते हैं। सड़क दुर्घटनाओं में मुआवजा संबंधी दावों के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण कार्य करता है। नौकरी से निकाले जाने, वेतन विवाद और श्रमिक अधिकारों से जुड़े मामलों की सुनवाई श्रम न्यायालय में होती है। इसके अलावा NDPS, POCSO, CBI और फास्ट ट्रैक जैसे मामलों के लिए विशेष अदालतें स्थापित हैं। भूमि बंटवारा, नामांतरण और खतौनी विवाद जैसे मामलों की सुनवाई राजस्व न्यायालय में होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही न्यायालय में मुकदमा दायर करने से समय और धन दोनों की बचत होती है तथा न्यायिक प्रक्रिया भी तेज होती है।