बारिश की पहली फुहार में डूबी ग्रामीण सड़कें, आवागमन बना चुनौती
खीरी, प्रयागराज।
क्षेत्र में हुई हल्की बारिश ने ग्रामीण अंचल की सड़कों की जर्जर स्थिति को एक बार फिर उजागर कर दिया है। वर्षों से मरम्मत की बाट जोह रही कई सड़कों पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मामूली वर्षा में ही सड़कों का यह हाल होना विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सुजनी से पाल पट्टी पुल को जोड़ने वाले नहर मार्ग की सड़क इन दिनों सबसे अधिक बदहाल स्थिति में है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे बारिश के पानी से लबालब भर गए हैं, जिससे वाहन चालकों को गड्ढों का अनुमान नहीं लग पाता। परिणामस्वरूप दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। विशेष रूप से मोटरसाइकिल और तीन पहिया वाहन चालकों को इस मार्ग पर आवागमन करने में काफी कठिनाई होती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इसी सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं विद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ाई के लिए आते-जाते हैं। जलभराव और टूटी सड़क के कारण उन्हें जोखिम उठाकर सफर करना पड़ता है। कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़कें किसी भी क्षेत्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार होती हैं। अच्छी सड़कें न केवल आवागमन को सुगम बनाती हैं, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति देती हैं। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कें आज भी उपेक्षा का शिकार हैं।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि बरसात का मौसम पूरी तरह शुरू होने से पहले सड़क की मरम्मत कर गड्ढों को भरा जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।