झारखण्ड की हेमन्त सोरेन सरकार कि नई पॉलिसी मादक पदार्थों के तस्करों की सूचना दे इनाम पाएं।
रांची:
झारखंड को नशे के जाल से बाहर निकालने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने एक बेहद सख्त और प्रभावी नीति तैयार की है। राज्य में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, तस्करी और बिक्री पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए सरकार ने अब सीधे जनता से सहयोग मांगा है। नई पॉलिसी के तहत, यदि कोई भी नागरिक नशा तस्करों या अवैध ड्रग्स के कारोबार से जुड़ी सही जानकारी प्रशासन तक पहुंचाता है, तो उसे सरकार की तरफ से नकद इनाम दिया जाएगा।
📌 मुख्य बिंदु: जो आपके लिए जानना जरूरी है
पहचान रहेगी 100% गुप्त: सूचना देने वाले नागरिक का नाम, पता या कोई भी विवरण पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। आपको सुरक्षा को लेकर डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
मिलेगा उचित इनाम: आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर यदि नशीले पदार्थों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी होती है, तो प्रशासन द्वारा आपको पुरस्कृत किया जाएगा।
24x7 एक्टिव हेल्पलाइन: केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जारी किया गया टोल-फ्री नंबर दिन-रात काम करता है, जिस पर तुरंत एक्शन लिया जाता है।
📞 इन नंबरों पर तुरंत दें सूचना (Toll-Free Numbers):
यदि आपको अपने आस-पास किसी भी प्रकार की नशा तस्करी, अवैध बिक्री, भंडारण या परिवहन की जानकारी मिलती है, तो तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें:
🚨 राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन (मानस - MANAS): 1933 (टोल-फ्री)
🚨 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (झारखंड): 112 (टोल-फ्री)
🚨 स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम (रांची/जमशेदपुर व अन्य जिले): आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या जिला कंट्रोल रूम नंबर पर भी सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश: "नशा हमारी युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा है। इसे जड़ से मिटाने के लिए सरकार और जनता को मिलकर लड़ना होगा। बेखौफ होकर आगे आएं और नशामुक्त झारखंड बनाने में अपना योगदान दें।"