महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: महा विकास अघाड़ी में 15 सीटों पर फॉर्मूला तय, कांग्रेस को मिलीं सबसे ज्यादा सीटें
महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन ने आगामी महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों के लिए अपने सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया है। राज्य की स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के निर्वाचन क्षेत्र की कुल 17 विधान परिषद सीटों में से 15 सीटों पर गठबंधन के तीनों प्रमुख दलों के बीच आम सहमति बन चुकी है, जबकि शेष बची दो सीटों यानी नासिक और नांदेड़ पर अभी भी शीर्ष नेताओं के बीच गहन बातचीत और विचार-विमर्श का दौर जारी है। इस महत्वपूर्ण चुनावी समझौते के तहत विपक्षी गठबंधन में सबसे बड़े दल के रूप में उभरते हुए कांग्रेस पार्टी ने अपने खाते में सबसे अधिक 7 सीटें हासिल करने में सफलता पाई है, जिसके बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे - यूबीटी) को 5 सीटें आवंटित की गई हैं, और शरद पवार के मजबूत नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-शरदचंद्र पवार) को कुल 3 सीटें मिली हैं।
इस सीटों के बंटवारे के विस्तृत क्षेत्रीय विवरण के अनुसार, कांग्रेस को विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिसके तहत पार्टी चंद्रपुर, यवतमाल, भंडारा, अमरावती, सोलापुर, धराशिव और अहिल्यानगर की सीटों पर अपने मजबूत उम्मीदवार उतारेगी, जो पार्टी के मजबूत आधार वाले क्षेत्र माने जाते हैं। दूसरी ओर, आक्रामक राजनीति के लिए पहचानी जाने वाली शिवसेना (यूबीटी) को मराठवाड़ा और कोंकण क्षेत्र में प्रमुखता देते हुए छत्रपति संभाजीनगर, हिंगोली, परभणी, जलगांव और रायगढ़ जैसी बेहद संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 5 सीटें सौंपी गई हैं, जहां पार्टी का संगठन बेहद सक्रिय माना जाता है। इसी क्रम में, शरद पवार की एनसीपी (एसपी) को राज्य के पश्चिमी हिस्से और मुंबई से सटे इलाकों में मजबूती प्रदान करते हुए पुणे, ठाणे और संयुक्त रूप से सतारा-सांगली की कुल 3 प्रतिष्ठित सीटें दी गई हैं, जो एनसीपी का पारंपरिक गढ़ रही हैं।
महा विकास अघाड़ी द्वारा उठाया गया यह कदम आगामी चुनावों में सत्ताधारी महायुति गठबंधन को कड़ी टक्कर देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि 15 सीटों पर समय रहते सहमति बनाना गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय और एकजुटता को प्रदर्शित करता है। अब सभी की निगाहें नासिक और नांदेड़ की उन दो विवादित सीटों पर टिकी हुई हैं, जहां स्थानीय समीकरणों और उम्मीदवारी की मजबूती को देखते हुए तीनों दल फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं और बहुत जल्द इन सीटों पर भी अंतिम निर्णय की घोषणा आधिकारिक तौर पर कर दी जाएगी।