राजस्थान में 103 अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई
जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने ढाई वर्षों में एक आईएएस अधिकारी सहित 103 अधिकारियों को निलंबित किया है, जबकि 6 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया। इसके अलावा 11 भ्रष्ट अधिकारियों की आजीवन पेंशन पर रोक लगाई गई है। 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी गई तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत 37 अन्य प्रकरणों में भी सख्त कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालय में दोषी साबित होने पर अधिकारियों को तुरंत सेवा से हटाया जाएगा। इस कार्रवाई में पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन विकास अधिकारी भरत प्रकाश मेघवाल, कृषि उप निदेशक राजेश कुमार नैनावत, सहायक आयुक्त महावीर सिंह आसीवाल और तीन चिकित्सा अधिकारियों डॉ. राम मोहन सिंह चौहान, डॉ. मुरलीधर शर्मा, डॉ. मनोहर लाल को सेवा से बर्खास्त किया गया है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनता को संवेदनशील और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अलवर प्रयोगशाला के वरिष्ठ रसायनज्ञ प्रदीप कुमार हजरती को फर्जी गुणवत्ता रिपोर्ट के लिए सेवा से बर्खास्त किया गया। अन्य अधिकारियों जैसे हरिसिंह मीना, डॉ. विलास राव गुल्हाने, देशराज नूनिया सहित कई अन्य के खिलाफ भी विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई हुई है। अभियोजन स्वीकृति प्राप्त अधिकारियों में देवी सिंह, डॉ. पवन कुमार जैन, मायालाल सैनी, राकेश चौहान और अन्य शामिल हैं।