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हरियाणा को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदमः मुख्यमंत्री ने राज्य को समर्पित कीं 20.5 करोड़ की 150 अत्याधुनिक ट्रूनाट मशीनें

पंचकूला 29 मई ः हरियाणा के स्वास्थ्य इतिहास में आज उस समय एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया जब हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित एक भव्य राज्य-स्तरीय समारोह में 20.5 करोड़ रुपये की लागत वाली 150 अत्याधुनिक ट्रूनाट मशीनों का लोकार्पण किया और इस ऐतिहासिक स्वास्थ्य पहल की आधारशिला रखी।
इस गरिमामयी समारोह में प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री सुश्री आरती सिंह राव और कालका की विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य डॉ. सुमिता मिश्रा, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री रिपुदमन सिंह, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा डॉ. मनीष बंसल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
इस राज्य-स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज का दिन हरियाणा के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘टीबी मुक्त भारत‘ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ये 150 अत्याधुनिक ट्रूनाट मशीनें हमारे ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनेंगी।
मुख्यमंत्री ने इस बेहद महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के लिए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड फाउंडेशन, मुंबई का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिसने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के अंतर्गत ये मशीनें राज्य को भेंट की हैं। उन्होंने इसे नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
राज्य के मौजूदा स्वास्थ्य ढांचे को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहले से ही 22 जिला टीबी केंद्र, 168 टीबी इकाइयां, 452 माइक्रोस्कोपी केंद्र और 1000 से अधिक डॉट्स केंद्र सक्रिय हैं। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जन-भागीदारी के अथक प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की 6,225 पंचायतों में से 2,157 ग्राम पंचायतें अब तक पूरी तरह ‘टीबी मुक्त‘ घोषित हो चुकी हैं।
अब इन 150 नई ट्रूनाट मशीनों के शामिल होने से ग्रामीण स्तर पर टीबी की जांच और भी सटीक और तेज हो जाएगी। सैंपल लेने और रिपोर्ट आने के बीच का समय बेहद कम हो जाएगा, जिससे बीमारी का समय रहते (लक्षण दिखने से पहले ही) पता लगाकर तुरंत इलाज शुरू किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने 24 मार्च 2026 से शुरू हुए 100 दिवसीय गहन खोज अभियान (आयुष्मान आरोग्य शिविर) के शुरुआती 55 दिनों की रिपोर्ट साझा करते हुए स्वास्थ्य विभाग की सराहना की। 100 दिवसीय गहन खोज अभियान (आयुष्मान आरोग्य शिविर) में प्रदेश भर में मात्र 55 दिनों में 2226 शिविर लगाए गए, जिनमें से 1597 ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित हुए।
अब तक 2 लाख से अधिक नागरिकों (लगभग 1,02,447 पुरुष और 1,11,514 महिलाएं) की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इन शिविरों में NAAT मशीनों द्वारा 56,559 टेस्ट, 80,946 एक्स-रे किए गए और 14,918 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका मुफ्त इलाज तुरंत शुरू कर दिया गया है।
हरियाणा अब टीबी के खिलाफ लड़ाई में केवल लक्षणों का इंतजार नहीं कर रहा, बल्कि सक्रिय जांच के जरिए स्वस्थ दिखने वाले लोगों की भी जांच कर रहा है। इसके लिए 2,111 गांवों और वार्डों में AI आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे और ‘Cough against TB” जैसे अत्याधुनिक ऐप्स का उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी के खिलाफ जंग केवल दवाओं से नहीं बल्कि सही पोषण से जीती जा सकती है। सितंबर 2022 से अब तक राज्य में 3,22,113 फूड बास्केट वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने राज्य के 9,761 ‘निक्षय मित्रों‘ का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जो इस समय 1.16 लाख से अधिक मरीजों को पोषण और मानसिक संबल प्रदान कर रहे हैं।
समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री ने इस अभियान में जन-भागीदारी के अंतर्गत बढ़-चढ़कर भाग लेने और टीबी से जुड़े सामाजिक कलंक (Stigma) को समाज से मिटाने की अपील की। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को कहा कि हरियाणा के हर नागरिक को टीबी से सुरक्षित करना हमारा परम लक्ष्य है l

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