फर्जी ईडी-सीबीआई अफसर बनकर 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला से 14 लाख की ठगी, पंचकूला पुलिस ने मुंबई से दो आरोपी दबोचे
दोनों आरोपी 7 दिन के पुलिस रिमांड पर, बैंक खाते खरीद-बिक्री नेटवर्क की जांच तेज
पंचकूला, 29 मई: पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए मुंबई से दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों ने खुद को ईडी, सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट और पुलिस अधिकारी बताकर पंचकूला की 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला को डरा-धमकाकर करीब 14 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह ने बताया कि पंचकूला निवासी 79 वर्षीय महिला ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार 29 मार्च 2026 को महिला के मोबाइल पर कॉल आई, जिसमें कॉल करने वालों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इस्तेमाल हुआ है। आरोपियों ने दावा किया कि ईडी द्वारा पकड़े गए एक आरोपी के पास महिला के नाम का एटीएम कार्ड मिला है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल कर खुद को ईडी, सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट और आधार विभाग का अधिकारी बताया। आरोपियों ने महिला और उसके पति को गिरफ्तारी का डर दिखाकर मानसिक रूप से परेशान किया। इतना ही नहीं, व्हाट्सएप पर फर्जी एफआईआर, गिरफ्तारी नोटिस और ईडी-सीबीआई के नाम से नकली दस्तावेज भी भेजे गए। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि इस बारे में किसी को बताया गया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा और विदेश में रहने वाले उनके बेटे को भी नुकसान पहुंच सकता है।
डर और मानसिक दबाव में आकर महिला ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में करीब 14 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना में 9 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर जगमीत सिंह द्वारा की जा रही है।
जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। बैंक रिकॉर्ड के आधार पर एक खाता मुंबई निवासी शिवम सत्यप्रकाश तिवारी के नाम पर मिला, जिसके खाते में करीब साढ़े 9 लाख रुपये की फ्रॉड राशि पाई गई। इसके बाद पंचकूला साइबर पुलिस टीम मुंबई पहुंची और आरोपी शिवम सत्यप्रकाश तिवारी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी अमित सिंह का नाम उजागर किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी काबू कर लिया।
दोनों आरोपियों को मुंबई अदालत में पेश कर राहदारी रिमांड हासिल किया गया और पंचकूला लाया गया। पुलिस ने 26 मई को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 7 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बैंक खाते खरीदने-बेचने वाले नेटवर्क और अन्य आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। पुलिस की टीमें अब मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने और ठगी की रकम बरामद करने के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
पंचकूला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, ईडी, सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट या पुलिस अधिकारी वीडियो कॉल के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश नहीं देता। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार डराकर पैसे मांगता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना से संपर्क करें।
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