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राजस्व अधिकारियों/कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल गैर-कानूनी एवं जनविरोधी भाजपा विधि प्रकोष्ठ

सरगुजा: भाजपा विधि प्रकोष्ठ जिला सरगुजा ने राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित अनिश्चितकालीन और कलमबंद हड़ताल को पूर्णतः गैर-कानूनी, जनविरोधी एवं प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित करने वाला कदम बताया है। भाजपा के जिला संयोजक जन्मेजय पाण्डेय ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टी.के. रंगराजन बनाम तमिलनाडु राज्य (2003) प्रकरण में स्पष्ट किया जा चुका है कि शासकीय सेवकों को हड़ताल पर जाने का कोई मौलिक अथवा वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है। इसके बावजूद राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी सामूहिक रूप से कार्य बंद कर शासन एवं प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-6 का उल्लंघन है।

उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग आम जनता, किसानों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों से सीधे जुड़ा है। इस हड़ताल से नामांतरण, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, भू-अभिलेख एवं अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित होंगी, जिससे आम नागरिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। भाजपा ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर हड़ताल में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। इस अवसर पर धनंजय मिश्रा, श्यामलाल गुप्ता, प्रकाशमणि त्रिपाठी, संदीप तिवारी, विवेक पाण्डेय, अश्विनी पाण्डेय, पीयूष त्रिपाठी, साक्षी सिंह, सुष्मिता चक्रवर्ती, शिवदत्त शर्मा, आशा जायसवाल, अरविन्द कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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