न फटेंगे, न पानी में गलेंगे! RBI की बड़ी तैयारी, जल्द आ सकते हैं प्लास्टिक के नोट
भारत में जल्द ही करेंसी नोटों का नया दौर शुरू हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में प्लास्टिक या पॉलीमर नोटों को लेकर गंभीरता से विचार कर रहा है। यदि यह योजना लागू होती है तो आने वाले समय में लोगों के हाथों में ऐसे नोट दिखाई दे सकते हैं जो न आसानी से फटेंगे और न ही पानी में खराब होंगे।
वर्तमान में भारत में उपयोग किए जाने वाले अधिकांश नोट विशेष प्रकार के कागज से बनाए जाते हैं। लगातार उपयोग, नमी, गंदगी और अन्य कारणों से ये नोट जल्दी खराब हो जाते हैं। इसके चलते RBI को हर साल बड़ी संख्या में पुराने और क्षतिग्रस्त नोटों को बदलना पड़ता है। इसी समस्या का समाधान खोजने के लिए पॉलीमर नोटों पर विचार किया जा रहा है।
पॉलीमर नोट विशेष प्रकार के प्लास्टिक पदार्थ से बनाए जाते हैं। दुनिया के कई देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन में पहले से ही इनका सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। इन देशों में पॉलीमर नोटों ने अपनी मजबूती और सुरक्षा के कारण अच्छी पहचान बनाई है।
विशेषज्ञों के अनुसार पॉलीमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में कई गुना अधिक टिकाऊ होते हैं। ये आसानी से नहीं फटते और पानी के संपर्क में आने पर भी खराब नहीं होते। इसके अलावा इन पर धूल और गंदगी कम जमती है, जिससे ये लंबे समय तक साफ-सुथरे बने रहते हैं।
सुरक्षा के लिहाज से भी पॉलीमर नोट काफी उन्नत माने जाते हैं। इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जैसे पारदर्शी विंडो, विशेष होलोग्राम और जटिल डिजाइन शामिल किए जा सकते हैं। इससे नकली नोट तैयार करना अपराधियों के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि कई देशों ने नकली मुद्रा पर नियंत्रण पाने के लिए पॉलीमर नोटों को अपनाया है।
हालांकि प्लास्टिक नोटों को लागू करना आसान नहीं होगा। इसके लिए नोट छापने की तकनीक, मशीनों और बैंकिंग सिस्टम में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं। साथ ही शुरुआती लागत भी अधिक हो सकती है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय में ये नोट अधिक किफायती साबित होंगे क्योंकि इन्हें बार-बार बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
RBI की ओर से अभी तक पूरे देश में पॉलीमर नोटों को लागू करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन इस दिशा में अध्ययन और परीक्षण की प्रक्रिया समय-समय पर चर्चा में रही है। यदि यह योजना आगे बढ़ती है तो भारत की मुद्रा व्यवस्था में यह एक बड़ा बदलाव माना जाएगा।
आम लोगों के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नोट ज्यादा समय तक सुरक्षित रहेंगे, पानी से खराब नहीं होंगे और नकली नोटों की समस्या में भी कमी आ सकती है। ऐसे में आने वाले वर्षों में भारतीयों की जेब में मजबूत और आधुनिक पॉलीमर नोट दिखाई देना कोई बड़ी बात नहीं होगी।