सूरत शहर में जैन समुदाय द्वारा एक विशाल मौन रैली का आयोजन किया गया
जिसका उद्देश्य साधुओं और साध्वियों के विहार के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं के खिलाफ विरोध जताना था।