कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई
बस्तर के प्रसिद्ध कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में सागौन सहित अन्य बहुमूल्य पेड़ों की अवैध कटाई का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि नेशनल पार्क क्षेत्र में लंबे समय से पेड़ों की अवैध कटाई जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में असफल नजर आ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार जंगलों के भीतर कई स्थानों पर सागौन के बड़े पेड़ों को काटकर लकड़ी बाहर पहुंचाई जा रही है। कटे हुए पेड़ों के ठूंठ अब भी जंगलों में दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अवैध कटाई लगातार हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय उद्यान जैसे संरक्षित क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं।
पर्यावरण जानकारों का मानना है कि सागौन जैसे बहुमूल्य पेड़ों की कटाई से जंगल का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है। इससे वन्यजीवों के आवास पर भी असर पड़ता है और जैव विविधता को नुकसान पहुंचता है।
स्थानीय नागरिकों ने वन विभाग और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगी तो कांगेर घाटी के घने जंगलों को भारी नुकसान हो सकता है।