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झारखंड में एक रुपये की दाल पर घमासान, गरीबों से 5 रुपये वसूली का आरोप

PDS व्यवस्था पर उठे सवाल, पारदर्शिता और निगरानी की मांग तेज

झारखंड में जन वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार जहां गरीब परिवारों को एक रुपये प्रति किलो दाल उपलब्ध कराने का दावा कर रही है, वहीं कई राशन दुकानों पर लाभुकों से 5 रुपये तक वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीण और शहरी इलाकों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि राशन कार्डधारकों को निर्धारित दर से अधिक पैसे देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कई लाभुकों का आरोप है कि अगर अतिरिक्त राशि नहीं दी जाती, तो राशन देने में आनाकानी की जाती है या फिर कम मात्रा में सामान दिया जाता है।

गरीब परिवारों का कहना है कि सरकार की योजनाएं कागजों में तो राहत देती दिखती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बिचौलियों और कुछ डीलरों की मनमानी से उनका फायदा अधूरा रह जाता है। महंगाई और बेरोजगारी के दौर में राशन व्यवस्था ही गरीबों का सबसे बड़ा सहारा है, ऐसे में अनियमितता की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी PDS दुकानों पर रेट लिस्ट सार्वजनिक करने, डिजिटल भुगतान और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की भी मांग उठ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर योजनाओं का लाभ सही लोगों तक नहीं पहुंच रहा है, तो इससे सरकारी व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर होता है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेती है और गरीबों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाती है।

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