वृद्धाश्रम पहुंचे युवा, बुजुर्गों से सीखे जीवन के संस्कार
शाहजहांपुर। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित ‘मेरा युवा भारत’ शाहजहांपुर की ओर से बुधवार को विनोबा सेवा आश्रम वृद्धाश्रम में अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं ने बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उनके जीवन अनुभवों को जाना और सेवा भाव का संदेश दिया। इस दौरान वीर सावरकर जयंती भी मनाई गई।
कार्यक्रम में माय भारत वॉलिंटियर्स ने वृद्धजनों से संवाद कर उनके अनुभव सुने। साथ ही स्वच्छता, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करते हुए फल, जूस व अन्य उपयोगी सामग्री वितरित की। युवाओं ने कहा कि वृद्धाश्रम आकर उन्हें जीवन की वास्तविक संवेदनाओं को समझने का अवसर मिला। उन्होंने संकल्प लिया कि समाज में जागरूकता फैलाकर बुजुर्गों को सम्मान दिलाने का प्रयास करेंगे।
विनोबा सेवा आश्रम के अध्यक्ष रमेश भैया ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों का व्यवहारिक अनुभव कराते हैं। उन्होंने कहा कि यदि परिवारों में संस्कार और संवेदनाएं मजबूत हों तो वृद्धाश्रमों की आवश्यकता बहुत कम रह जाएगी।
मेरा युवा भारत के उप निदेशक माहे आलम ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल शैक्षिक रूप से नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक रूप से भी जागरूक बनाना है। अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम युवाओं में सेवा भाव और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने में सहायक साबित हो रहे हैं।
वीर सावरकर जयंती के अवसर पर युवाओं ने उनके राष्ट्रप्रेम, साहस और त्याग को याद करते हुए राष्ट्र व समाज सेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में आश्रम की संरक्षक विमला बहन, डीपीओ नमामि गंगे विनय सक्सेना, ओपी अग्निहोत्री, मानवता वेलफेयर सोसायटी के संस्थापक अमित श्रीवास्तव, अंशिका गुप्ता, दिव्यांशी मिश्रा समेत बड़ी संख्या में माय भारत वॉलिंटियर्स और आश्रम परिवार के सदस्य मौजूद रहे।