एटा विकास विभाग में सचिवों के भ्रष्टाचार और प्रताड़ना के आरोप
एटा: जनपद एटा के विकास विभाग में सचिवों के संगठन ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार की जांच में बाधा डालने, प्रताड़ना और कमीशन के आरोप लगाए हैं। स्थानीय पत्रकार मदन गोपाल शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायत सचिवों का संगठन इतना मजबूत हो गया है कि वह जिला अधिकारियों को कार्रवाई से रोकता है। विकास कार्यों में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप है। अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने पर संगठन धरना प्रदर्शन करता है और झूठे आरोप लगा कर जांच को प्रभावित करता है।
एसडीएम/प्रभारी डीपीआरओ राजकुमार मौर्य ने हाल ही में अलीगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत अंगरैया जमुनाई और अवागढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरई कल्यानपुर में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की। जांच में सचिव रजनीश और सचिव नम्रता को निलंबित किया गया है। सचिव संगठन ने इस कार्रवाई के बाद डीपीआरओ राजकुमार मौर्य पर उत्पीड़न और कमीशन मांगने के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा, गैर-मान्यता प्राप्त अखबारों में टेंडर निकालने और आदेशों की अवहेलना का मामला भी सामने आया है।
पिछले वर्ष सचिवों द्वारा पत्रकारों से मारपीट की घटना भी दर्ज है। रिपोर्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच कराई जाए, सचिवों का स्थानांतरण किया जाए और पिछले पांच वर्षों के घोटालों की उच्चस्तरीय जांच कर सख्त कार्रवाई हो।