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बेगूसराय के कुंभी में पंचायत योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुखिया ने बीडीओ से की जांच की मांग

बेगूसराय में पंचायत योजनाओं में बड़े घोटाले का आरोप, मजदूरों का भुगतान रोकने का मामला गरमाया
बेगूसराय जिले के चेरियाबरियारपुर प्रखंड अंतर्गत कुम्भी पंचायत में विकास योजनाओं में भारी अनियमितता, फर्जी अभिलेख तैयार करने और मजदूरों की मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत के मुखिया अशोक महतो ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस आवेदन के सामने आने के बाद पंचायत क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
मुखिया अशोक महतो द्वारा 25 मार्च 2026 को दिए गए आवेदन में पंचायत के कई नाला सफाई, मरम्मती और पीसीसी सड़क निर्माण योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। आवेदन में कहा गया है कि कई योजनाओं में कागज पर कार्य दिखाकर राशि निकासी कर ली गई, जबकि जमीन पर कार्य सही तरीके से दिखाई नहीं देता है। इतना ही नहीं, कई योजना स्थलों पर बोर्ड तक नहीं लगाया गया।
नाला सफाई एवं मरम्मती योजनाओं पर उठे सवाल
आवेदन में वर्ष 2025-26 की चार योजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इनमें जगदीश ठाकुर घर से रामउदार महतो घर तक, सुखदेव महतो घर से जंगीरी यादव घर तक, वार्ड संख्या 04 में मुन्ना महतो घर से राजेन्द्र सिंह घर तक तथा गोविंद महतो घर से पंचायत भवन तक नाला सफाई एवं मरम्मती कार्य शामिल हैं।
मुखिया ने आरोप लगाया है कि इन योजनाओं में पूर्व पंचायत सचिव सुरेंद्र कुमार एवं पूर्व कनीय अभियंता द्वारा अभिलेख तैयार कर राशि निकासी की प्रक्रिया पूरी कर दी गई, लेकिन धरातल पर कार्य का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं दिख रहा है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि योजना स्थल पर बोर्ड तक नहीं लगाया गया, जिससे ग्रामीणों में संदेह बढ़ गया है।
पीसीसी सड़क निर्माण योजनाओं में भी अनियमितता का आरोप
मुखिया ने वर्ष 2024-25 की पीसीसी सड़क निर्माण योजनाओं पर भी सवाल उठाया है। आवेदन के अनुसार मुख्य सड़क से अर्जुन साव घर तक, मुख्य सड़क से मुन्ना यादव घर होते हुए, लक्ष्मी यादव घर से रणजीत यादव घर तक तथा मुख्यमंत्री सड़क से दिलीप यादव घर तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य कराया गया था।
आवेदन में दावा किया गया है कि ये योजनाएं लगभग एक वर्ष पहले पूरी हो चुकी हैं और सामग्री भुगतान भी कर दिया गया है, लेकिन मजदूरी मद की राशि का भुगतान मजदूरों को अब तक नहीं किया गया।
मजदूरों की मजदूरी रोकने का गंभीर आरोप
पत्र में सबसे गंभीर आरोप मजदूरों के भुगतान को लेकर लगाया गया है। मुखिया ने कहा है कि मजदूरी मद की करीब 4 लाख 12 हजार रुपये की राशि पूर्व पंचायत सचिव सुरेंद्र कुमार के खाते में लगभग आठ माह पहले भेज दी गई थी, लेकिन मजदूरों को अब तक भुगतान नहीं मिला।
मजदूर लगातार अपने भुगतान की मांग कर रहे हैं और कई बार मुखिया के घर तक पहुंच रहे हैं। आवेदन में यह भी लिखा गया है कि जब पूर्व पंचायत सचिव से संपर्क करने की कोशिश की जाती है तो वे फोन रिसीव नहीं करते और बहाना बनाकर मामले को टालते रहते हैं।
पंचायत में बढ़ा आक्रोश
मजदूरी नहीं मिलने से मजदूरों और ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब मजदूर मेहनत करने के बाद भी अपने हक की राशि के लिए भटक रहे हैं। पंचायत में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
बीडीओ से कार्रवाई की मांग
मुखिया अशोक महतो ने बीडीओ से मांग की है कि सभी योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए, धरातल पर हुए कार्यों का सत्यापन कराया जाए तथा मजदूरों के बकाया भुगतान को जल्द सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही पूर्व पंचायत सचिव द्वारा निकाली गई राशि मजदूरों के बीच भुगतान कराने की भी मांग की गई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और मजदूरों को उनका बकाया भुगतान कब तक मिल पाता है।

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