कुर्बानी अल्लाह को महबूब है: मौलाना खालिद रशीद
कुर्बानी से 20 लाख किसानों को रोजगार मिलता है
गर्मी से राहत और देशं की हिफाज़त के लिए विशेष दुआ हुई
ईद-उल अज़हा की नमाज़ प्रदेश की सबसे बड़ी और तारीख़ी ईदगाह लखनऊ में हुई। जिसमें लाखों मुसलमानों ने नायब इमाम ईदगाह हाफिज़ अब्दुल हई फरंगी महली की इमामत में नमाज़ अदा की।
ईद-उल-अजहा के मुबारक अवसर पर जहाँ लाखों मुसलमानों की आपसी भाई चारा, मजहबी जोश व खरोश और इस्लामी शान व शौकत का अजीम प्रदर्शन हुआ वहीं पूर्व प्रदेश मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी और एम0एल0ए0 रविदास महरोत्रा व समाजिक लीडरो और उच्च अधिकारियों ने ईदगाह आकर इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और तमाम मुसलमानों को ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद पेश की जिससे वर्षो पुरानी हमारी गंगा जमनी तहज़ीब उजागर हुई।
ईद उल अजहा की नमाज से पहले मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने अपने सम्बोधन में ईद उल अज़हा की अहमियत और कुर्बानी की तारीख और उद्देश्य और मौजूदा हालात पर रौशनी डाली।
शाही इमाम ने मुसलमानों से अपील की कि प्रदूषण और वातवारण के सुधार के लिए हर मस्जिद में और हर मस्जिद के चारों तरफ पौधारोपण उच्च स्तर पर करना चाहिए क्यों कि रसूल पाक सल्ल0 का फरमान है कि जो भी एक पेड़ लगायेगा जब तक उससे इंसान और जानवर फायदा उठाते रहेगंे उस पेड़ लगाने वाले को सवाब मिलता रहेगा। ध् इमाम साहब ने कहा कि इस गर्मी से निजात के लिए हम सबको पेड़ों की हिफाजत करनी होगी और प्रदूषण कम करना होगा। ध् मुसलमानों को अगर अपने देश में संवैधानिक अधिकार प्राप्त करना है और तरक्की करनी है तो हमें अपने बच्चों को उच्च से उच्च शिक्षा देने होगी। हमें अधिक से अधिक स्कूल कायम करने चाहिए।
मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि कुर्बानी दो नबियों हज़रत इब्राहीम और हज़रत इस्माईल की यादगार है। जिसका वर्णन खुदा पाक ने कुरान में विस्तार से किया है। उन्होने कहा कि जिस तरह नमाज़ के वक़्त नमाज़ जरूरी है, रमज़ान में रोज़ा रखना जरूरी है उसी तरह कुर्बानी के दिनों में कुर्बानी करना जरूरी है क्योंकि यह मजहबे इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा है। शाही इमाम ने कहा कि कुरान की सूरह कौसर में हुक्म दिया है कि नमाज़ पढ़ो और कुर्बानी करो। उन्होने कहा कि ईद उल अज़हा कुर्बानी और अमन का पैग़ाम देती है।
मौलाना फरंगी महली ने कहा कि बकरईद से बहुत बड़े पैमाने पर व्यापार को लाभ होता है और एक अंदाजे के अनुसार लगभग 20 लाख किसानों को इससे रोजगार मिलता है और लगभग दस हजार करोड़ का व्यापार जानवरों की खरीद व फरोख़्त से होता है। इस तरह करोड़ो गरीबों के लिए कई दिनों तक खाने का इन्तिजाम हो जाता है।मौलाना ने कुर्बानी के बाद साफ सफाई का खास ख्याल रखने की अपील की और ईद-उल-अज़हा एडवाइजरी पर पूरी तरह से अमल करने की हिदायत दी।
मौलाना ने नमाज़ के बाद देश व प्रदेश की सुरक्षा, सेना के जवानों और पूरे देश की हिफाजत, देश के विकास व उन्नति, अमन, भाई चारा, समृद्धि और कल्याण और विश्व में शान्ति, गरीबी, बेरोजगारी, मंहगाई के खात्मे के लिऐ दुआऐं कीं और गर्मी से राहत के लिए भी विशेष दुआ की।
शुक्रिया