सिंगरौली विस्थापन मुद्दे पर तेज हुई आवाज, रोजगार और पुनर्वास की मांग.
सिंगरौली क्षेत्र में विस्थापन को लेकर प्रभावित परिवारों की आवाज लगातार बुलंद होती जा रही है। हाल ही में सोशल मीडिया और जनसभाओं के माध्यम से विस्थापितों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उन्हें केवल मुआवजा नहीं, बल्कि स्थायी पुनर्वास और रोजगार भी चाहिए।
प्रदर्शित पोस्टर में विस्थापित परिवारों ने LARR ACT 2013 का हवाला देते हुए कहा है कि भूमि अधिग्रहण के साथ प्रभावित परिवारों के अधिकारों की सुरक्षा भी जरूरी है। पोस्टर के अनुसार, कानून में रोजगार, एकमुश्त राशि तथा मासिक सहायता जैसे प्रावधान मौजूद हैं, जिन्हें सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए।
विस्थापितों का कहना है कि जमीन जाने के साथ उनकी आजीविका भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में केवल आर्थिक मुआवजा स्थायी समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने NCL और प्रशासन से स्थायी पुनर्वास, रोजगार की गारंटी और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की मांग की है।
पोस्टर में यह भी उल्लेख किया गया है कि “प्रभावित परिवार” में केवल जमीन मालिक ही नहीं, बल्कि आवास, आजीविका और लंबे समय से क्षेत्र में रह रहे परिवार भी शामिल हैं।
सिंगरौली में चल रही परियोजनाओं के बीच यह मुद्दा अब सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बनता जा रहा है। विस्थापित परिवारों का कहना है कि विकास के साथ उनके अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।