असम की राजनीति में नया अध्याय, वाजेद अली चौधरी बन सकते हैं नेता विपक्ष
Ⓜ️असम/नानौता। असम की राजनीति में पहली बार एक मुस्लिम नेता को नेता विपक्ष की जिम्मेदारी मिलने जा रही है। कांग्रेस ने वरिष्ठ विधायक वाजेद अली चौधरी को यह अहम जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है। यह फैसला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर खास चर्चा का विषय बना हुआ है।
कांग्रेस के 19 विधायकों में से 18 विधायक मुस्लिम समुदाय से हैं, ऐसे में वाजेद अली चौधरी का नेता विपक्ष बनना असम की राजनीति में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इस खबर की खास बात यह भी है कि वाजेद अली चौधरी का रिश्ता उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले के कस्बा नानौता से भी जुड़ता है। उनकी बेटी डॉ. यासमीन कौसर की शादी नानौता निवासी डॉ. रहबर आबदी से हुई है, जो ग़ुलाम कम्बर साहब के बड़े बेटे हैं।
असम से लेकर नानौता तक इस खबर को लोग सिर्फ एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि अपनेपन, पहचान और सामाजिक जुड़ाव की खुशी के रूप में देख रहे हैं। स्थानीय लोगों और शुभचिंतकों में भी खुशी का माहौल बना हुआ है।
🎤 रिपोर्ट: Rao Shokeen
📰 Founder & Editor-in-Chief – Rao Digital India News