छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: फिजूलखर्ची रोकने के लिए लागू किया 8 सूत्रीय कड़ा नियम
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने शासकीय विभागों और प्रशासनिक व्यवस्था में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए एक बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य में फिजूलखर्ची पर पूरी तरह से लगाम लगाने के उद्देश्य से एक 8 सूत्रीय सख्त गाइडलाइन जारी की है। इस नए नियम के लागू होने के बाद अब कोई भी मंत्री, अधिकारी या जनप्रतिनिधि शासकीय खर्च पर मुख्यमंत्री की पूर्व स्वीकृति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकेगा।
सरकार का यह कदम प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे सरकारी खजाने के सही सदुपयोग और पारदर्शिता से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या हैं सरकार के 8 सूत्रीय कड़े नियम? (मुख्य बिंदु):
विदेशी दौरों पर पूर्ण नियंत्रण: अब किसी भी शासकीय दौरे, अध्ययन दल या सेमिनार के लिए विदेश जाने से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से लिखित और औपचारिक मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
होटलों में बैठकों पर रोक: शासकीय विभागों की बैठकें, कार्यशालाएं या सेमिनार अब महंगे निजी होटलों के बजाय केवल सरकारी भवनों, सभागारों या सर्किट हाउस में ही आयोजित किए जाएंगे।
नई गाड़ियों की खरीदी पर प्रतिबंध: अति-आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर, विभागों में नई लग्जरी गाड़ियों की खरीदी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
हवाई यात्राओं में मितव्ययिता: अधिकारियों को केवल बेहद जरूरी होने पर ही इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने और शासकीय खर्चों को न्यूनतम रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दफ्तरों के रिनोवेशन पर पाबंदी: शासकीय कार्यालयों के सौंदर्यीकरण या केबिनों के बार-बार रिनोवेशन पर होने वाले अनावश्यक खर्च को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
जनता के पैसे का सही इस्तेमाल प्राथमिकता
शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, इस 8 सूत्रीय प्लान का मुख्य उद्देश्य जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी को रोकना और उस राशि को विकास कार्यों तथा जनहित की योजनाओं में लगाना है। वित्त विभाग को इस पूरी गाइडलाइन की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यदि कोई विभाग इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट: यश जी,एमामीडिया, रायपुर (छ.ग.)