अगले पांच वर्षों में लाख सरकारी नौकरियों के लिए असम सरकार ने तैयार किया रोडमैप :-
असम सरकार ने आगामी पांच वर्षों में लगभग 𝟐 लाख सरकारी नौकरियां सृजित करने के लक्ष्य को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स के संचालन और कार्यान्वयन को लेकर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों में रिक्त पदों, भर्ती प्रक्रिया में सुधार, सेवानिवृत्ति के अनुमान और रोजगार सृजन योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों की पहचान और उनका डिजिटल मैपिंग करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक विभाग अपने रिक्त पदों, आगामी वर्षों में होने वाली सेवानिवृत्तियों तथा आवश्यक मानव संसाधन की वास्तविक स्थिति का विस्तृत आंकड़ा तैयार करे, ताकि नियोजित तरीके से नई भर्तियां की जा सकें।
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में भी कई सुधारात्मक उपायों पर चर्चा की। राज्य सरकार का मानना है कि समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा और विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कमी को भी दूर किया जा सकेगा।
बैठक में केवल सरकारी नियुक्तियों तक ही चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता आधारित योजनाओं के माध्यम से भी बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की रणनीति पर विचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्टार्टअप प्रोत्साहन योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार अपने पिछले कार्यकाल के दौरान पहले ही लगभग 𝟏.𝟔𝟒 लाख नियुक्तियां पूरी कर चुकी है। अब सरकार अगले चरण में शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभागवार रणनीति तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार लगातार रोजगार को प्रमुख प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ा रही है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस पहल को आगामी वर्षों में युवाओं के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी होती है, तो इससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।
असम सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से राज्य के लाखों युवाओं में नई उम्मीद जगी है, जो लंबे समय से सरकारी नौकरी और स्थायी रोजगार के अवसरों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।