AIADMK में बगावत का अंत, EPS के नेतृत्व में फिर एकजुट हुई पार्टी
तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK में लंबे समय से चल रहा अंदरूनी विवाद अब खत्म होता दिखाई दे रहा है। पार्टी प्रमुख ई. पलानीस्वामी (EPS) के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले कई बागी विधायक अब दोबारा पार्टी में लौट आए हैं, जिससे पार्टी में एक बार फिर एकता का माहौल बन गया है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों गुटों के नेताओं ने विधानसभा स्पीकर से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि अब पार्टी पूरी तरह एकजुट है। इसके बाद ई. पलानीस्वामी ने उन 25 विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता (Disqualification) याचिका वापस ले ली, जिन्होंने फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर वोटिंग की थी।
दरअसल, यह पूरा विवाद चुनावी हार के बाद शुरू हुआ था, जब कुछ विधायकों ने EPS के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। हालांकि समय के साथ बागी खेमे को बड़ा झटका लगा। चार विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा देकर TVK पार्टी का दामन थाम लिया, जबकि उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई लंबित थी।
वहीं एंटी-डिफेक्शन कानून के खतरे को देखते हुए छह विधायक दोबारा EPS खेमे में लौट आए। इन विधायकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पार्टी नेतृत्व को माफीनामा भी सौंपा।
बागियों की संख्या 25 से घटकर अब केवल 15 रह जाने के बाद पार्टी पर ई. पलानीस्वामी की पकड़ और मजबूत मानी जा रही है। बागी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में EPS से मुलाकात कर विवाद खत्म करने का ऐलान किया।
बैठक के बाद नेताओं ने साफ कहा कि ई. पलानीस्वामी ही उनके नेता हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले कुछ मतभेदों की वजह से बगावत की स्थिति बनी थी, लेकिन अब सभी मुद्दों का समाधान हो चुका है। नेताओं ने यह भी बताया कि EPS ने उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस समझौते के बाद AIADMK आगामी चुनावों में ज्यादा मजबूती के साथ मैदान में उतर सकती है।