भोपाल: सरकारी शिक्षक धूप और तिरस्कार के बीच राष्ट्र निर्माण में लगे
भोपाल: सरकारी शिक्षक केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे चुनाव संपन्न कराने, जनगणना करने और विभिन्न सरकारी सर्वेक्षणों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। रातीबड़ संकुल के एक शिक्षक द्वारा जारी वीडियो ने इस समुदाय के संघर्षों को उजागर किया है, जो आम जनता के लिए अब तक अनसुना था।
शिक्षक 47-48 डिग्री की भीषण गर्मी में बस्तियों और कॉलोनियों में काम करते हैं।
50-55 वर्ष के शिक्षक भी पहली बार ऑनलाइन जनगणना के लिए तकनीक सीखकर इस चुनौती को स्वीकार कर रहे हैं।
महिला शिक्षिकाओं को असुरक्षित इलाकों में अपमान, अभद्रता और आवारा कुत्तों के खतरे का सामना करना पड़ता है।
शिक्षक समाज से मानवीय व्यवहार, पेयजल और सहयोग की अपील कर रहे हैं ताकि यह साझा जिम्मेदारी सफल हो सके।