शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए कार्य करें - कलेक्टर
शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए कार्य करें - कलेक्टर
15 जून से विद्यालयों में दिखे नवाचार, स्वच्छता और सकारात्मक परिवर्तन
कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, मुरैना में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित कर आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, ताकि नए सत्र में विद्यालयों का वातावरण आकर्षक, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी दिखाई दे।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एस. इंदोलिया, डीपीसी श्री हरीश तिवारी, सहायक संचालक, बीआरसी, बीईओ, जिला शिक्षा केन्द्र के एपीसी, समस्त संकुल प्राचार्य, जन शिक्षक एवं बीएसी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री जांगिड़ ने कहा कि विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। इसके लिए शिक्षक एवं संकुल प्राचार्य घर-घर संपर्क कर अभिभावकों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करें तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें।
उन्होंने 15 जून तक जिले में लगभग प्रतिशत अपार आईडी निर्माण का लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि 1 जून से शिक्षकों की विद्यालयों में उपस्थिति प्रारंभ हो जाएगी, जबकि विद्यार्थियों का आगमन 15 जून से होगा। इस अवधि का उपयोग विद्यालयों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, शौचालय मरम्मत, ग्रीन बोर्ड स्थापना एवं आवश्यक मरम्मत कार्यों के लिए किया जाए, ताकि बच्चों को विद्यालय में सकारात्मक एवं स्वागतयोग्य वातावरण प्राप्त हो सके।
कलेक्टर ने नवीन नामांकन अभियान को भी प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि 29 मई से 15 जून तक विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बीआरसी एवं बीईओ अधिकारियों को जनपद पंचायतों के सहयोग से आवश्यकतानुसार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने पाठ्यपुस्तक वितरण कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा वितरण ट्रैकिंग एप पर समय पर प्रविष्टियां दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें उपलब्ध होना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कलेक्टर ने प्रत्येक जन शिक्षक एवं संकुल प्राचार्य को अपने-अपने क्लस्टर में तीन विद्यालयों का चयन कर उन्हें आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चयनित विद्यालयों में आवश्यकतानुसार नवाचार, सौंदर्यीकरण एवं शैक्षणिक सुधार कार्य कर उन्हें “एक्सीलेंस स्कूल” के रूप में विकसित किया जाए। ऐसे विद्यालयों का चयन 5 जून तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए अभी से सुनियोजित रणनीति बनाई जाए तथा स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का प्रभावी उपयोग किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम है। इसलिए सभी अधिकारी एवं शिक्षक समर्पण, संवेदनशीलता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करें, ताकि जिले के विद्यालय शिक्षा गुणवत्ता के क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण बन सकें।
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