logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

सदिया सम-जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का प्रकोप: जिला प्रशासन ने उठाए सख्त कदम

सैखोवाघाट:- असम के तिनसुकिया जिले के अंतर्गत आने वाले सदिया सम-जिला में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। काकोपाथार के उत्तर रंगपुरिया गांव में इस बीमारी की पुष्टि होने के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
​तिनसुकिया के जिला आयुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट सुमित सत्तावन ने आज आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत एक आधिकारिक आदेश जारी कर कई कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इलाके को संक्रमित और निगरानी क्षेत्र घोषित किया गया है।
​प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उत्तर रंगपुरिया गांव को इस बीमारी का केंद्र (Epicenter) माना गया है। इसके मद्देनजर:
​१ किमी के दायरे को 'संक्रमित क्षेत्र' (Infected Zone) घोषित किया गया है।
​१० किमी के दायरे को 'निगरानी क्षेत्र' (Surveillance Zone) घोषित कर दिया गया है। ​राष्ट्रीय कार्य योजना (National Action Plan) के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आगामी २७, २८ और २९ मई को संक्रमित क्षेत्र में सुअरों की कलिंग (वैज्ञानिक तरीके से मारना) की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी में पूरी की जाएगी और इसका पूरा डेटा सुरक्षित रखा जाएगा।
​🚫 व्यापार और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध
​यह प्रतिबंध आगामी ३० दिनों के लिए प्रभावी रहेगा। इस दौरान प्रशासन ने निम्नलिखित आदेश दिए हैं:
​सदिया सम-जिले के भीतर सूअर के मांस (Pork) की सभी दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी।
​सदिया से अन्य जिलों या पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में सूअर, सूअर के मांस या उससे बने किसी भी उत्पाद के परिवहन (सप्लाई) पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
​स्थानीय बाजारों या दुकानों में भी मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है।
​💡 आम जनता के लिए जरूरी संदेश: पैनिक न करें
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर इंसानों में नहीं फैलता है। हालांकि, यह सुअरों के लिए अत्यधिक संक्रामक और जानलेवा है। इसलिए जनता से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और इस बीमारी को रोकने में प्रशासन का सहयोग करें।
​⚖️ उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
​यदि कोई भी व्यक्ति जिला प्रशासन के इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा २२३ के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
​📞 आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर:
किसी भी जानकारी या रिपोर्ट के लिए आम जनता पशुपालन विभाग के हेल्पलाइन नंबर १९६२ और जिला नियंत्रण कक्ष (District Control Room) के नंबर ०३७४-२३३१००० पर संपर्क कर सकती है।

0
520 views

Comment