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*डीएम इंद्रजीत सिंह के सख्त निर्देश के बाद मचा हड़कंप, वर्षों से जमे सचिवों और बाबुओं के तबादले की तैयारी तेज* सुल्तानपुर : इंद्रजीत सिंह के सख्त निर

*डीएम इंद्रजीत सिंह के सख्त निर्देश के बाद मचा हड़कंप, वर्षों से जमे सचिवों और बाबुओं के तबादले की तैयारी तेज*

सुल्तानपुर : इंद्रजीत सिंह के सख्त निर्देशों के बाद जिले में लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे पंचायत सचिवों, ग्राम विकास अधिकारियों और विकासखंडों व तहसीलों में तैनात बाबुओं के बीच हड़कंप मच गया है। ट्रांसफर नीति को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है और वर्षों से जमे कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है।
जिले में ऐसे कई पंचायत सचिव हैं, जो करीब 10 वर्षों से एक ही विकासखंड में तैनात होकर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। आरोप है कि सेटिंग-गेटिंग, चापलूसी और अंदरूनी नेटवर्क के चलते हर बार इनका नाम ट्रांसफर सूची से बाहर रह जाता था। यही वजह है कि अब प्रशासनिक पारदर्शिता और ट्रांसफर प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
अखंड नगर विकासखंड में तैनात पंचायत सचिव राजकुमार यादव करीब एक दशक से अधिक समय से एक ही ब्लॉक में जमे बताए जा रहे हैं। वहीं जयसिंहपुर विकासखंड में बृजेश वर्मा और योगराज पटेल भी लंबे समय से अपनी तैनाती बनाए हुए हैं। करौंदी कला विकासखंड में रामप्रवेश शाही का नाम भी ऐसे कर्मचारियों में शामिल बताया जा रहा है, जो वर्षों से एक ही जगह कार्यरत हैं।
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि शासन की स्पष्ट ट्रांसफर नीति होने के बावजूद कुछ कर्मचारियों पर नियम लागू नहीं होते। लोगों का कहना है कि यदि सामान्य कर्मचारियों का समय-समय पर स्थानांतरण किया जाता है, तो फिर वर्षों से जमे इन कर्मचारियों को आखिर किस आधार पर राहत मिलती रही।
इसी मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जो भी कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय से एक ही ब्लॉक, तहसील, विकास भवन या कार्यालय में तैनात हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए। डीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा है कि पंचायत सचिव, ग्राम विकास अधिकारी, विकासखंडों में तैनात बाबू, तहसीलों के कर्मचारी और विकास भवन में वर्षों से जमे बाबुओं की सूची तैयार कर शासन की मंशा के अनुरूप स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी की जाए।
डीएम के निर्देश के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ला, जिला विकास अधिकारी और अन्य विभागीय अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जल्द ही बड़े पैमाने पर तबादला सूची जारी की जा सकती है।
सूत्रों की मानें तो ट्रांसफर-पोस्टिंग का काम देखने वाले कई बाबुओं में भी इस कार्रवाई को लेकर बड़ी बेचैनी देखी जा रही है। वर्षों से मलाईदार सीटों पर जमे कर्मचारियों में यह डर बना हुआ है कि इस बार प्रशासनिक सख्ती के चलते उनकी तैनाती बदल सकती है।
अब जिले भर की निगाहें आने वाली ट्रांसफर सूची पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि इस बार ट्रांसफर नीति केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लंबे समय से जमे कर्मचारियों पर वास्तविक कार्रवाई भी देखने को मिलेगी।

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