जामताड़ा में महिलाओं के अधिकारों और कुप्रथाओं के खिलाफ विधिक जागरूकता शिविर
जामताड़ा : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में गोखलाडीह गांव में 90 दिवसीय अवेयरनेस एवं आउटरीच कार्यक्रम के तहत महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और डायन प्रथा जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ एक विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाएं, युवतियाँ और अभिभावक शामिल हुए। प्राधिकरण के अधिकार मित्र विश्वजीत पाल, प्रकाश हेंब्रम और शिवनाथ मंडल ने संयुक्त रूप से महिलाओं के प्रति होने वाले मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न को कानूनन अपराध बताया और महिलाओं को अपने अधिकारों को जानने तथा सहायता लेने की अपील की।
शिविर में महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, महिला संरक्षण से जुड़े कानूनी अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए संचालित स्पॉन्सरशिप योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने, महिलाओं का सम्मान करने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने का संदेश दिया गया। अंत में उपस्थित लोगों ने डायन प्रथा को समाप्त करने और महिला सुरक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।