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आजमगढ़ में जमीन कब्जाने और बिजली कनेक्शन रोकने का आरोप, पीड़ित परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र स्थित मकसूदिया पुरवा गांव में एक परिवार ने जमीन कब्जाने, चकरोड हटाने और बिजली कनेक्शन जानबूझकर रोके जाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि कई वर्षों तक मुंबई में रहने के बाद जब वे लगभग चार साल पहले अपने गांव लौटे, तो उन्होंने देखा कि उनकी पुरानी चकरोड को खत्म कर उस पर पक्का निर्माण कर लिया गया है।
परिवार के अनुसार जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो गांव के दबंग लोगों ने खुलेआम धमकी दी कि “कोई कुछ नहीं कर पाएगा” और मामला उठाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। पीड़ितों का आरोप है कि दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून और प्रशासन का भी कोई डर नहीं है।
पीड़ित परिवार की सदस्य शर्मिला यादव ने बताया कि उन्होंने कई बार स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय लगातार टालमटोल कर रही है। परिवार का कहना है कि शिकायतों के बावजूद न तो कब्जा हटवाया गया और न ही उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई गई।
परिवार ने स्थानीय पुलिस पर निष्क्रियता और दबंगों को अप्रत्यक्ष संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो विवाद इतना बढ़ता नहीं। पीड़ितों के मुताबिक वे लगातार डर और तनाव के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
मामले में बिजली विभाग पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। परिवार का कहना है कि करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने विधिवत बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। विभाग द्वारा मीटर भी लगा दिया गया, लेकिन आज तक घर तक बिजली लाइन नहीं जोड़ी गई। पीड़ितों का आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोग जानबूझकर बिजली कनेक्शन रुकवा रहे हैं, जिससे उनका परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर है।

परिवार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जमीन कब्जाने के मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, चकरोड को मुक्त कराया जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही बिजली विभाग को तत्काल निर्देश देकर बिजली आपूर्ति शुरू कराने की भी मांग की गई है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

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